संभल। मक्का खरीद न होने और खाद की किल्लत के विरोध में भाकियू असली के लोगों ने नई तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। नायव तहसीलदार अरविंद कुमार को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। समाधान न होने पर आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
भाकियू असली के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने बताया कि सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वे अपनी फसल 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने को मजबूर हैं। बताया कि 15 जून से सरकारी क्रय केंद्र शुरू होने थे, लेकिन अब तक मक्का की खरीद शुरू नहीं हुई है। खरीद केंद्रों पर बारदाने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। जिले में 12 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य है। यदि सरकार वाकई किसानों का भला चाहती है तो क्रय केंद्र बढ़ाए जाएं। बताया कि एमएसपी कानून के बिना किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और उनका शोषण जारी रहेगा। किसानों ने खाद की किल्लत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। राजपाल सिंह ने बताया कि धान की रोपाई का समय होने के बावजूद किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद नहीं मिल रही है। किसान घंटों धूप में लाइन लगाकर खाद का इंतजार कर रहे हैं, जबकि खुले बाजार में यह अधिक कीमत पर आसानी से उपलब्ध है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मक्का खरीद केंद्र संचालित नहीं किए गए और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संगठन धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगा। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजीव गांधी, साहब सिंह, दिलशाद, किशनपाल, अनीस अहमद, मुशाहिद, मुनाजिर, महबूब हुसैन, जयवीर सिंह, मोहम्मद युसुफ, लवकुश, वीरेंद्र सिंह आदि रहे।