संभल के एक बैंक्वेट हाल में एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करती महिलाएं।
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चंदौसी। इंटरनेट की सेवाएं आज तीसरे दिन भी लगातार बंद रही। जिससे ऑन लाइन कारोबार पूरी तरह चौपट रहा। एक्सपोर्टर्स को ई-बिल नहीं मिल सके। सबसे खास बात तो यह है कि मुरादाबाद व आसपास क्षेत्रों में इंटरनेट बंद होने से कई मरीजों को ठीक हो जाने के बाद भी अस्पतालों से छुट्टी नहीं मिल पा रही है।
चंदौसी के राज मोहल्ला निवासी तनवीर अहमद ने बताया कि उनके पिता शरीफ अहमद की तबियत बिगडने के बाद सप्ताहभर पहले मुरादाबाद के एक बड़े निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। अब उनकी तबियत में सुधार है। डाक्टर ने भी शनिवार को डिस्चार्ज करने की बात कह दी थी लेकिन जब डिस्चार्ज स्लिप लेने के लिए काउंटर पर गया तो बताया गया कि इंटरनेट सेवा बंद है, जिसके कारण बिल नहीं बन सकता।
इंटरनेट सेवा शुरू होने पर ही बिल बनेगा, तभी मरीज को डिस्चार्ज किया जा सकेगा। ऐसा सिर्फ उसके साथ ही नहीं, उसके सामने कई मरीजों के तीमारदारों से कहा गया है। आखिरकार, दोबारा डाक्टर से मिलकर दो दो दिन की और दवाई लिखवाकर खरीदनी पड़ी। मरीज को डिस्चार्ज नहीं किया जा सका। तीमारदारों को भी कड़ाके की सर्दी में अस्पताल में ही रात काटने को विवश होना पड़ रहा है।
इधर, हिंदुस्तान मिंट्स एंड एग्रो के भुवनेश वाष्र्णेय ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बाझित होने के कारण आर्डर नहीं मिल रहे हैं, ना ही आर्डर पर माल को भेजा जा पा रहा है, क्योंकि व्यापारियों को ई-वे बिल जारी नहीं हो पा रहे हैं।
बड़ी संख्या में आर्डर पेडिंग हो रहे हैं। लोगों के पास धन की भी कमीं हो गई हैं, क्योंकि बैंकिंग सेवाएं बाधित हैं, लेनदेन नहीं हो पा रहा है, एटीएम नो-कैश की स्थिति में बंद पड़े हैं। जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।