चंदौसी। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए एक नया फैसला लिया गया है। अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समय सारिणी बनाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों को दी गई है। पहले सभी स्कूलों के लिए एक ही समय-सारणी होती थी, जिससे कई बार दिक्कतें आती थीं। नई व्यवस्था से स्कूल अपने हिसाब से पढ़ाई का समय तय कर सकेंगे। इससे बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और माहौल में सुधार होने की उम्मीद है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1289 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं। अब तक इन सभी स्कूलों में एक ही तरह का टाइमटेबल लागू किया जाता था, जिसे शिक्षा विभाग की ओर से तय किया जाता था। लेकिन कई बार यह समय-सारणी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सही नहीं बैठती थी, जिससे स्कूलों को परेशानी होती थी। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम, दूरी और आने-जाने की दिक्कतों के कारण तय समय पर पढ़ाई कराना आसान नहीं होता था। इसी को ध्यान में रखते हुए अब नई व्यवस्था लागू की गई है।
इसके तहत स्कूलों के प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की स्थिति के अनुसार टाइमटेबल बना सकेंगे। इस बदलाव से बच्चों की उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है और पढ़ाई भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। शिक्षक भी बच्चों की जरूरत और अपनी सुविधा के अनुसार विषयों को ठीक से पढ़ा सकेंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस फैसले से पढ़ाई का स्तर सुधरेगा और स्कूलों में माहौल भी बेहतर होगा।
हालांकि अब प्रधानाध्यापकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है और उन्हें ध्यान रखना होगा कि सभी विषयों को बराबर समय मिले और पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। प्रभारी जिला समन्वयक प्रशिक्षण दीन दयाल शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था से स्कूलों को काफी फायदा होगा और बच्चों की पढ़ाई में सुधार देखने को मिलेगा।