संभल जिले में माहे रमजानुल मुबारक के चौथे जुमे पर रोजेदारों ने अकीदत और एहतराम के साथ नमाज अदा की। गर्मी के बावजूद मस्जिदें नमाजियों से भरी रहीं। पुलिस प्रशासन ने भी मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।
संभल की जामा मसस्जिद में नमाज अदा की गई। ओबरी की जामा मस्जिद समय से पहले ही भर गई। देर से पहुंचे नमाजियों को सडकों पर सफें बिछाकर नमाज अदा करनी पडी। ईद का चांद दिखने को लेकर पैदा हुई असमंजस की स्थिति के चलते देवबंद मसलक से जुडे़ अकीदतमंदों ने शहबाजपुर कलां की बड़ी मस्जिद, राजा गालिबपुर गांव की जामा मस्जिद व अन्य तीन मस्जिदों में जुमातुल विदा की नमाज अदा की।
जबकि बुकनाला सादात, मढन, इकरोटिया सादात, शाहपुर सिरपुडा आदि गांवों में शियाओं ने जुमा तुल विदा की नमाज अदा की। रोजेदारों ने एक दूसरे को मुबारकबाद पेश की। वहीं असमोली क्षेत्र के ओबरी गांव सहित रचैटा, दबोई कलां, मनौटा, टांडा कोठी, हीरापुर, अकबरपुर गहरा, महमूदनगर आदि गांवों में माहे रमजान में पूर्व की भांति इस बार चौथे जुमे को नमाज अदा की गई ।
दारुल उलूम गुलशने मुस्तफा के सदर मौलाना अहसान रजा ने बताया कि बरेलवी मसलक 15 जून यानि शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज अदा करेंगे
वहीं, चंदौसी में मुकद्दस माहे रमजान का शवे कद्र का आखिरी अशरा शुरू हो गया है। रमजान के चौथे जुमे पर बड़ी संख्या में रोजेदारों में मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अदी की।
शहर काजी हाजी मोहम्मद मरगूब कादरी नौशाही के अनुसार जिन लोगों ने 17 मई को रोजा रख लिया था, उन लोगों ने आज ही जुमा अलविदा की नमाज अदा की लेकिन अधिकांश लोगों ने 18 मई को पहला रोजा रखा था, इसलिए अलविदा का जुमा 15 जून को पडेगा।
उसी में अलविदा जुमा की नमाज अदा की जाएगी। आज मुकद्दस माहे रमजान का चौथा जुमा था, जिस पर बड़ी संख्या में रोजेदार मस्जिदों में पहुंचे। नमाज अदा की। तरावीह का सिलसिला भी लगातार जारी रहा। यह माहे रमजान का आखिरी अशरा है, इसमें कुछ विशेष तिथियां है, जिनमें कोई भी रात शवे कद्र की हो सकती है, जिसका शवाब एक हजार रातों से भी अधिक होता है। इस अशरे में रोजेदारों को जहन्नुम से निजात मिलती है।
इधर दलित एकता मंच के तत्वावधान में कंपनी बाग में सामूहिक रोजा इफ्तार आयोजित किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में रोजेदारों ने सहभागिता की और तय समय पर रोजा इफ्तार किया। जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार बंटी ने इसे सराहनीय प्रयास बताते हुए कहाकि ऐसे आयोजनों में भाईचारा बढ़ता है।
सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत होता है। इसमें प्रमोद कुमार, सूर्यजीत सिंह, प्रमोद वाल्मीकि, रीतेश कुमार, केके भूटानी, अजय कुमार, कपिल कुमार, राजीव कुमार, गोपेश कुमार, राहुल दिवाकर, दीप राव, द्वारिका प्रसाद, फकरे आलम, बीएल सागर, आनंद वाल्मीकि, अनिल बोस, शब्बू चौधरी, अशफाक भारती, ओमप्रकाश राव, मुनव्वर उस्मानी, यामीन, राशिद, मत्तन कुरैशी, करन सिंह रहे।