संभल के जिला अस्पताल में बंद पड़े पंखे और गर्मी से बेहाल मरीज।
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संभल। जिला अस्पताल में तीन घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। जेनरेटर चलाया नहीं गया जिसके चलते मरीज तड़प उठे। तीमारदार भी परेशान नजर आए। हालांकि इस गर्मी के मौसम से बचने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने अपने कक्षों में इंवर्टर की व्यवस्था की हुई है। गर्मी में मरीज परेशान तो हुए लेकिन कर्मचारियों को कोई समस्या नहीं आई । जबकि अस्पताल में जेनरेटर रखा है लेकिन चलाया नहीं गया।
मरीज और तीमारदार व्यवस्थाओं का रोना रोते नजर आए। सामान्य वार्ड में दुर्गंध से रुकना मुश्किल हुआ। सफाई व्यवस्था ठप थी और गर्मी से बचने का कोई साधन नहीं था। बीमार मरीज सही होने की बजाए और ज्यादा बीमार होते नजर आए।
मंगलवार की दोपहर 12 बजे के बाद जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसका खामियाजा मरीज और तीमारदारों को उठाना पड़ा। चिकित्सक इंवर्टर से चल रहे पंखों की हवा खाते नजर आए। आपातकालीन कक्ष में पांच मरीज भर्ती थे। सभी बेहाल थे।
तीमारदार हाथों से हवा कर रहे थे। यही हाल सामान्य वार्ड का रहा। वहां मरीजों की संख्या आधा दर्जन थी। सामान्य वार्ड में गर्मी होने के साथ काफी गंदगी थी। मरीज गर्मी और दुर्गंध से बेहाल थे। मरीजों का कहना था कि बिजली न होने से पंखे बंद हो गए हैं।
वार्ड में गंदगी होने के चलते दुर्गंध आ रही है। अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए सुविधाएं मुहैया कराईं हैं तो उन सुविधाओं को आम लोगों तक क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा है। अस्पताल में गर्मी से राहत देने के लिए जेनरेटर है लेकिन चलाया नहीं जाता। तीन मंजिला इमारत पर आने जाने के लिए लिफ्ट लगी है लेकिन चलाई नहीं जाती।