फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की गोलियों ने छलनी कर दिया था बदमाश शकील का सीना

विज्ञापन
बहजोई के गांव रंपुरा में बदमाश शकील के शव को एंबुलेंस से उतरवाते हुए पुलिस व मौजूद भीड़। - फोटो : CHANDAUSI
विज्ञापन
संभल/बहजोई।
विज्ञापन

कड़ी चौकसी के बीच चिकित्सकों के पैनल ने बहजोई के बाहपुरपट्टी स्थित शव विच्छेदन गृह में बदमाश शकील के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की पूरी कार्रवाई वीडियो कैमरे में कैद की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस की गोलियों से बदमाश शकील का सीना छलनी हो गया था। वह रविवार की शाम हुई पुलिस मुठभेड़ में गोलियां लगने के बाद अधिक रक्तस्राव होने की वजह मौके पर मारा गया। पुलिस ने शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को शाम उसका पोस्टमार्टम कराया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने पोस्टमार्टम के लिए डा. बीएल बिराटिया की देखरेख में पैनल बनाया जिसमें डा. मनोज कुमार और डा. राजकिशोर थे। तीनों चिकित्सकों ने शकील का पोस्टमार्टम किया। एक घंटे से अधिक समय तक चले पोस्टमार्टम में हर पल की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई। पता चला है कि शकील के सीने में तीन छेद थे क्योंकि तीनों गोलियां उसका सीना पार करके बाहर निकल गईं थीं।
विज्ञापन

सीने में लगीं गोलियां ही उसकी मौत का कारण बनी। उसके शरीर पर अन्य किसी स्थान पर कोई चोट सामने नहीं आई है। चिकित्सकों के मुताबिक शकील की मौत गोलियां लगने के बाद हुए रक्तस्राव से हुई। शकील के सीने पर तीन गोलियां लगीं थी और तीनों उसका सीना पर कर गईं थीं। उसके शरीर में एक भी गोली फंसी हुई नहीं मिली। पोस्टमार्टम करने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी है।
सिपाहियों के सीने में मारी थीं बदमाशों गोलियां
संभल। बनियाठेर थाना क्षेत्र स्थित चंदौसी ग्रीन के निकट 17 जुलाई को शाम सवा पांच बजे पुलिस की बंदी वैन में सवार तीन बदमाशों ने सिपाहियों की आंख पर मिर्च झोंककर गोली चला दी थी जिसमें सिपाही हरेंद्र और बृजपाल मारे गए थे। दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस कस्टडी से भागे तीनों बंदियों के पास पिस्टल और तमंचे थे। वारदात में शहीद हुए सिपाहियों के पोस्टमार्टम से यह बात साबित हो गई है।
विज्ञापन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि सिपाही हरेंद्र को बंदियों ने पांच गोलियां मारी थीं। इनमें से तीन शरीर को भेदकर पार निकल गई थीं। जबकि 315 बोर और 32 बोर की एक - एक बुलेट हरेंद्र के शरीर में फंसी मिली है। दूसरे सिपाही ब्रजपाल को 315 बोर के तमंचे से सीधे दिल पर गोली मारी गई थी। बुलेट सिपाही के दिल को चीरती हुई पार निकल गई थी। जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई थी। सिपाहियों की हत्या में दर्ज रिपोर्ट में रंपुरा का कमल और शकील तथा भरतपुर का धर्मपाल नामजद था। तीनों घटना के बाद से ही फरार थे। पुलिस ने इसमें से कमल को मुठभेड़ में मार गिराया है जबकि शकील रविवार को मारा गया। अब धर्मपाल फरार है, जिसकी पुलिस को तलाश है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें