संभल। किसान पराली लगातार जला रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ने के साथ ही सांसों पर भी संकट मंडराने लगा है। सख्ती के बाद भी पराली जलाने पर रोक नहीं लग रही है। डीएम का कहना है कि सभी किसानों से अपील की गई है कि वह पराली जलाकर प्रदूषण न बढ़ाएं। ऐसे मामले संज्ञान में आते ही कार्रवाई की जाएगी।
रविवार की सुबह जिलेभर में धुंध दिखाई दी। एक्यूआई भी 220 दर्ज किया गया। कई स्थानों पर पराली भी जलती नजर आई। सेटेलाइट से तस्वीर लिए जाने का भी डर किसानों को नहीं रहा है। इसलिए धड़ल्ले से पराली खेतों में जला रहे हैं। इससे सांस रोगियों की दिक्कत भी बढ़ रही है।
दरअसल मशीन से धान की कटिंग कराई जा रही है। इसी के चलते पराली को जलाया जा रहा है क्योंकि मशीन से कटिंग होने के बाद खेत की जुताई नहीं हो पा रही है। इसलिए किसान पराली को नष्ट करने के लिए जला रहे हैं। जबकि किसानों के इस कदम से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. चमन प्रकाश ने बताया कि इन दिनों सांस रोगियों की संख्या बढ़ी है। हर दिन 10 से 15 मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।