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बदले सियासी माहौल में राजनीतिक दलों ने याद किए बाबा साहेब

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बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण्ा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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बीते वर्षों में देखा गया कि अनुसूचित जातियों के संगठन और बसपाई डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाते थे, लेकिन बदले सियासी हालात में सभी राजनीतिक पार्टियां और अधिकतर सामाजिक संगठन जयंती मनाने के लिए दौड़ पड़े हैं। भाजपाइयों और कांग्रेसियों ने जयंती मनाई। रालोद ने भी बाबा साहेब को याद किया। लेकिन सपाई सबसे ज्यादा उत्साहित दिखे।              
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सरायतरीन स्थित जिला सपा कार्यालय पर जनप्रतिनिधि व सपा नेता पहुंचे। पहले डा. आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करके उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधायक इकबाल महमूद ने कहा कि बाबा साहेब के योगदान को देश भुला नहीं सकता। जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा कि देश से फिरकापरस्त ताकतों को उखाड़ फेंकेंगे। विधायक पिंकी यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने सबको बराबरी का दर्जा दिया। इस दौरान पूर्व मंत्री बृजेंद्र पाल यादव, हरवीर यादव, गालिब खान, प्रमोद यादव, चौधरी नदीम एडवोकेट, गुल्लू यादव, ताहिर उल्ला आदि रहे। शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर गोष्ठी में शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद ने विचार व्यक्त किए। गांव शाहपुर में आंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। 


समाजसेवी राजेंद्र कुमार व रोशन सिंह का सम्मान किया। इस दौरान शिव किशोर गौतम, मो. सुहेल, शोभना सैमुल, हाजी अशरफ अंसारी, फुरकान कुरैशी आदि रहे। भाजपा ने सरायतरीन के आर्य समाज में समरसता दिवस के रूप में जयंती मनाई। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महामंत्री भाजपा पश्चिम क्षेत्र सूर्यप्रकाश पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल ने अंबेडकर पार्क में बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। 
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सूर्यप्रकाश पाल ने कहा कि बाबा साहब कमजोर वर्ग के चिंतक, महान विचारक थे और संघर्ष किया। उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धि और योजनाएं गिनाईं। सुनीत टंडन, रूपेश सराफ, अर्जुन वाल्मीकि, इमरान तुर्की, सुरेश अटल, चौधरी हरेंद्र सिंह, विरलेश यादव, राजेश शंकर राजू, अवधेश प्रताप सिंह, शोभित गुप्ता, गोपाल शर्मा, संजय सांख्यधर, जयप्रकाश गुप्ता रहे। 
वहीं, धनारी में  थानाध्यक्ष अता मोहम्मद ने क्षेत्र के गांव गौरीपुरा में ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने  ग्रामीणों से भीम राव आंबेडकर की जयंती पर नई परंपरा डालने से मना किया। साथ ही जयंती को भाई चारे के साथ मनाने की अपील की। जुलूस बिना अनुमति के निकालने से मना कर दिया। इस मौके पर नेकसिंह, सोहनपाल आदि मौजूद रहे।
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