औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
पुलिस की सुस्ती से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं, लगातार वारदातें हो रही हैं। इधर, पुलिस इन्हें रोकने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। शनिवार रात नखासा थाना क्षेत्र के शाहपुरचमारान गांव में चोरी के बाद पुुलिस ने वारदातों को रोकने से हाथ खड़े कर लिए। पीड़ितों से बोली कि, खुद ही सतर्क रहें और हिफाजत करें। इस पर लोगों का गुस्सा फूट पडुा। नारात लोगों ने प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शनिवार को रात्रि चोरों ने धावा बोला। दो घरों में चोरी करके करीब 60,000 का माल साफ कर दिया, जबकि दो घरों में आहट से चोर भागे। इन घटनाओं के संबंध में पुलिस को खबर दी गई तो पुलिसकर्मी कहने लगे कि, गांव वाले खुद सतर्क रहें। चोर दिखें तो पुलिस को सूचित करें।
पुलिस के इस जवाब से ग्रामीण आक्रोशित हैं और उन्होंने नारेबाजी करके आक्रोश का प्रदर्शन किया है। उधर, थाना प्रभारी केके तिवारी ने बताया कि गांव में उप निरीक्षक गए थे। जांच कर ली है। पुलिस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करेगी।
केस 1
शाहपुर चमाराम निवासी पूर्व प्रधान जसवंत सिंह के घर शनिवार को रात्रि में चोरों ने कूमल लगा दिया। इसके बाद करीब 55,000 रुपये का माल गए गए। इसमें सोने चांदी के जेवर और 4500 रुपये थे। घर के सभी सदस्य सोते रह गए।
केस 2
सियाराम पुत्र राम सिंह के घर चोरों ने कूमल लगाया और खंगाल कर 4500 रुपये चोरी कर ले गए। घर के लोगों को घटना का पता सुबह लगा। इसी गांव में उत्तम सिंह पुत्र जगपाल सिंह और नत्थू सिंह पुत्र शिवचरण सिह के यहां भी कूमल लगाया गया है लेकिन आहट होने की वजह से चोरों को उल्टे पैर भागना पड़ा।
सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस नहीं है। नागरिकों को भी सतर्क रहना पड़ेगा। जो घटनाएं हुईं हैं उनका खुलासा होगा। पुलिस चोरों का पता लगाएगी पर नागरिकों का सहयोग जरूरी है। अभी मुझे यह पता नहीं है कि पुलिस ने ग्रामीणों से किस संदर्भ में क्या कहा है? मैं इस बारे में थाना पुलिस से जानकारी करूंगा। हालांकि ग्राम सुरक्षा समितियों के माध्यम से लोग पहले से सुरक्षा करते चले आए हैं। कमलेश दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक।