संभल की जामा मस्जिद में नमाज के बाद दुआ करते लोग।
- फोटो : संवाद
संभल। हिंसा के बाद चौथे शुक्रवार को संभल में जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच अदा दी गई। पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। मस्जिद के आसपास आरएएफ ने मोर्चा संभाला। एएसपी और सीओ मौजूद रहे। दोनों अधिकारी फोर्स के साथ जामा मस्जिद इलाके में पैदल मार्च करते रहे। जामा मस्जिद पर नमाज अदा करने बच्चे और बुजुर्ग ही पहुंचे। जबकि युवाओं ने किनारा कर लिया। पुलिस के मुताबिक हिंसा करने वाले अधिकांश युवा पहचान होने के डर से नमाज अदा करने नहीं पहुंच रहे हैं। शांतिपूर्ण नमाज होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
24 नवंबर को हिंसा के बाद संभल शहर संवेदनशील बना हुआ है। प्रत्येक शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान बेहद सतर्कता बरती जा रही है। 19 नवंबर जामा मस्जिद सर्वे के बाद से ही पुलिस ने आसपास के इलाके को अपने कब्जे में ले रखा है। जुमे की नमाज के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। शुक्रवार को भी संभल प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा। सुरक्षा के लिहाज से मुरादाबाद, संभल, रामपुर से अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया। अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश्चंद्र और सीओ अनुज चौधरी फोर्स के साथ गश्त करते रहे। नमाज के दौरान ड्रोन कैमरे से निगरानी कराई गई। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने भी जामा मस्जिद पहुंचकर स्थिति जा जायजा लिया। अधीनस्थों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पुलिस की टुकडियां शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में तैनात रहीं। दोपहर करीब ढाई बजे शहर भर में शांतिपूर्ण नमाज अदा होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि जिलेभर में नमाज शांतिपूर्ण अदा हुई है। कहीं भी तनाव की स्थिति नहीं है।