उसके जिस्म पर चोटों के 16 निशानों के साथ ही कानों पर करेंट लगाने के निशान भी मिले हैं। हवालात में शबलू को डंडों और पट्टे से बेरहमी से पीटने के साथ ही पुलिस कर्मियों ने उसे करेंट भी लगाया था। पीएम रिपोर्ट में पुलिस टार्चर के सुबूत मिलने के बाद अब दोषी पुलिस वालों को तुरंत जेल भेजने की मांग उठ रही है।
संभल जिले के असमोली थानाक्षेत्र के गांव मढ़न निवासी रिटायर्ड दरोगा मैराजुल हसन के बेटे शबलू उर्फ रफीकुल को गुरुवार दोपहर हजरतनगर गढ़ी थाने की पुलिस ने सिरसी गांव से उठाया था। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे शबलू ने हवालात में दम तोड़ दिया था। पुलिस ने मामले को रफादफा करने के लिए मुर्दे को जबरन बिलारी सीएचसी में भर्ती कराने की कोशिश की थी।
पुलिस कस्टडी में हिस्ट्र्रीशीटर की मौत के बाद परिजनों ने भीड़ के साथ घंटों बवाल किया था। इस मामले में एसएसपी नितिन तिवारी ने एसओ परवेज चौहान समेत दस पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। कप्तान के आदेश पर एसओ और 10 पुलिस कर्मियों व दो मुखबिरों के खिलाफ शबलू की हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। एसएसपी की सिफारिश पर शुक्रवार आधी रात के बाद वीडियोग्राफी के बीच तीन डाक्टरों के पैनल ने शबलू के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, शबलू को डंडों और पट्टे से पीटा गया था। इसके अलावा उसके कानों पर बिजली का करेंट भी लगाया गया था। उसके शरीर पर चोटों के सोलह निशान पाएं गए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद शबलू का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच मढ़न में उसके शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद एसएसपी नितिन तिवारी ने तेवर कड़े कर लिए हैं। कप्तान का कहना है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।