संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में शामिल उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए पुलिस का लगातार अभियान चल रहा है। पुलिस अबतक 60 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। पूछताछ का भी सिलसिला जारी है। लेकिन बवाल की साजिश के गुनहगार अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पाकिस्तान और अमेरिका निर्मित कारतूस किसने चलाया और किस हथियार में चलाया गया। इसका भी राजफाश होना बाकी है। क्योंकि विदेशी कारतूस भी अलग-अलग बोर के इस्तेमाल किए गए थे।एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि उपद्रवियों की तलाश में टीमें लगी हैं। जो प्रकाश में आ रहा है उसकी गिरफ्तारी की जा रही है। साजिश के गुनहगारों तक भी पुलिस जल्द पहुंचेगी। एसआईटी लगी है। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हुआ था। जामा मस्जिद के नजदीक पांच आम लोगाें की जान भी चली गई थी। इसके बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया तो नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर पत्थरबाजी और फायरिंग की गई थी। तीन स्थानों पर हुए बवाल की सात एफआईआर में 2750 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे।
एसपी ने बताया कि इस बवाल को कराने वाले साजिशकर्ताओं तक भी पुलिस जल्द पहुंचेगी। इसी को लेकर छानबीन एसआईटी कर रही है। विदेशी कारतूस जिन पिस्टल में उपद्रवियों ने इस्तेमाल किए हैं उन उपद्रवियों तक भी पहुंचा जाएगा। विदेशी कारतूस और खोखे जो पुलिस ने बरामद किए हैं उनकी जांच बैलिस्टिक्स विशेषज्ञ कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा।
हत्या के चार मामले दर्ज, किसने की, सुराग नहीं लगा
बवाल के दौरान मोहल्ला कोटगर्वी निवासी नईम, अयान, तुर्तीपुर इल्हा निवासी कैफ और सरायतरीन निवासी बिलाल की गोली लगने से जान गई थी। इसमें मृतकों के परिजनों की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हयातनगर निवासी रोमान के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के सुपुर्द ए खाक कर दिया था। जो चार हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं इनमें भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपियों की कोई सुरागकशी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार न्याय के इंतजार में है।