संभल। 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में शामिल उपद्रवी जिला छोड़कर दूसरे जिले या प्रदेश में जाकर रह रहे हैं। 97 उपद्रवियों के नाम और पते की पहचान पुलिस को हो चुकी है लेकिन यह सभी आरोपी भागे हुए हैं। 41 गिरफ्तारी के बाद पुलिस कोई उपद्रवी नहीं पकड़ सकी है।
24 नवंबर को हुए बवाल में पांच लोगों की जान गई थी। 29 पुलिसकर्मी और 30 से ज्यादा भीड़ में शामिल लोग घायल हुए थे। पुलिस ने उपद्रव करने के मामले में 40 नामजद और 2750 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की थीं। इसमें पांच एफआईआर संभल कोतवाली में जामा मस्जिद के आसपास उपद्रव करने के आरोपियों के खिलाफ हुई थी। इसके अलावा नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर भीड़ ने पथराव किया था। दीपा सराय में दरोगा से पिस्टल की मैगजीन और टियर गैस का गोला व अन्य सामान लूट लिया था। इन सात एफआईआर के बाद वीडियो और फोटो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस की एसआईटी लगी थी। जांच पड़ताल में 450 चेहरे सामने आ चुके हैं। इसमें 97 उपद्रवी ऐसे हैं जिनके नाम और पते पुलिस के पास हैं लेकिन यह आरोपी जिले से भाग गए हैं। दूसरे जिले या प्रदेश में जाकर रह रहे हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि जिनके नाम और पते की जानकारी मिल गई उनके खिलाफ इनाम घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बवाल जहां हुआ वहां अभी भी पसरा रहता है सन्नाटा
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान मोहल्ला कोटगर्वी से बवाल शुरू हुआ था। करीब डेढ़ घंटे तक हुए बवाल को पुलिस ने काबू किया था। इसके बाद नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में पुलिस पर पत्थरबाजी की गई थी। इन तीनों ही इलाके में अभी तक सन्नाटा दिखाई देता है। बच्चे और बुजुर्गों की चहल पहल तो बनी है लेकिन युवा नजर नहीं आते हैं। जो उपद्रव में शामिल थे वह भागे हुए हैं जो नहीं थे वह एहतियाती तौर पर बचाव कर रहे हैं। हालांकि एसपी का कहना है कि जो उपद्रव में शामिल था उसकी ही गिरफ्तारी जाएगी। निर्दोष लोग परेशान नहीं किए जाएंगे।