शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे लोग परेशान हैं। गर्मी में 12-13 घंटे की अघोषित कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। गांवों में रोजाना छह से सात घंटे ही बिजली मिल रही है। फाल्ट के कारण कटौती और बढ़ जाती है। जिससे ग्रामीणों को फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत हो रही है।
गांवों में 18 घंटे तक बिजली की आपूर्ति के आदेश हैं। एक तो गर्मी और दूसरी ओर बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिजली कट जाने पर मच्छर भी लोगों को परेशान कर रहे हैं। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण भी कटौती अधिक हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में छह से सात घंटे तक ही मुश्किल से बिजली मिल रही है। बिजली कटते ही लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। वहीं तपिश के कारण खेत भी सूख रहे हैं। बिजली की अघोषित कटौती के कारण मेंथा और मक्का की फसल की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। इसके अलावा भीषण गर्मी में बिना बिजली के रोजेदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिजली कटौती की जा रही है। पांच से सात घंटे ही बिजली मिल रही है। गर्मी में छोटे-छोटे बच्चे परेशान हैं। घर पर लगे पंखे भी शोपीस बन गए हैं।
अतुल भारद्वाज, गांव शेरपुर की मढै़या
अघोषित कटौती के चलते फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। बिजली के इंतजार में सिंचाई के लिए खेत पर ही रात गुजारनी पड़ रही है।
सत्यवीर सिंह यादव, गांव बंजरपुरी
बिजली कटौती के चलते सिंचाई नहीं हो पा रही। जिससे मेंथा और मक्का की फसल इस बार अच्छी नहीं हो पाएगी।
कमल यादव, गांव महोरा लखूपुरा
रमजान के महीने में भी बिजली कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी के चलते बिजली न आने से रोजेदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुलाम मुस्तफा, गांव धुरैटा
दिन में तेज हवाएं चलती हैं इसलिए बिजली कम दी जा रही है। क्योंकि इस समय खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। इसके अलावा तब बिजली कटौती की जाती है जब ऊपर से ही कटौती कर दी जाती है।
अनिल कुमार, एसडीओ देहात, चंदौसी डिविजन।