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Sambhal News: रथयात्रा के दूसरे दिन लोगों ने उठाया मेले में लुत्फ

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चंदौसी (संभल)।
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गणेश चौथ मेले में रथयात्रा के बाद अब रौनक बढ़ने लगी है। मंगलवार को भगवान गणेश की रथयात्रा ने डीजे व ढ़ोल नगाड़ों के साथ नगर में भ्रमण किया। मंगलवार दोपहर दो बजे शुरू हुई रथयात्रा रात 2:30 बजे गणेश मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई।
वहीं मेले का उद्घाटन 17 सितंबर को हुआ था। पहले दो दिन मेला सामान्य स्थिति में रहा। बुधवार को मेले की रौनक बढ़ गई। मेले में आने वाली भीड़ को देखते, बदायूं, इटावा, मथुरा, राजस्थान, जयजपुर, दिल्ली आदि जगहों के पुराने दुकानदार मेले से जुड़े हैं और लगातार आ रहे हैं। मथुरा की आइसक्रीम 40 साल से, तो कोई दुकान 12 वर्षों से मेले की शोभा बढ़ा रहा है। महिलाओं व बच्चों के साथ-साथ पुरुषों ने भी मेले में जमकर खरीदारी की। इसी के साथ खानपान और चाट पकौड़ी की दुकानों पर भीड़ रही। मेले में लगे झूले व मौत के कुएं का भी लुत्फ लोगों ने उठाया। मेले में भीड़ के जुटने पर दुकानदार भी खुश नजर आए।
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- मैं अपने पिता के साथ सॉफ्टी के कारोबार में बचपन से लगा हूं। जब मेला सीता रोड पर लगता था। तब से लगातार हमारी दुकान मेले में लगती आ रही है। इस साल मेले में मेरी दुकान को पूरे 40 साल हो गए। -रामौतार, मथुरा निवासी सॉफ्टी वाले
- मैं इटावा से हूं, पिछले कई वर्षों से मेले में हमारी दुकान लग रही है। पूरे उत्तर प्रदेश में मेले में दुकानें लगाने जाते हैं, लेकिन चंदौसी की जनता को स्वाद की पहचान है। चंदौसी में खान पान की अच्छी दुकानें हैं। इसके बाद भी मेरी दुकान पर काफी भीड़ रहती है। चंदौसी के स्थानीय कारीगरों का भी सहयोग रहता है। - अशोक कुशवाहा,
खानपान का स्टॉल
- गणेश चौथ के मौके पर लगने वाले मेले के कारण चंदौसी में रौनक रहती है। हम भी परिवार सहित रोजाना ही मेला घूमने जाते हैं। इस दौरान लगभग रोज ही बच्चों के लिए कुछ न कुछ खरीदारी भी की जाती है। चाट पकौड़ी और आईस्क्रीम का भी स्वाद लेते हैं, लेकिन इस बार जो महसूस हो रहा है। उसमें पिछले साल के मुकाबले कुछ महंगाई ज्यादा है। - सार्थक अग्रवाल
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- रथयात्रा वाले दिन झांकिया देखने के कारण मेला घूमने नहीं जा पाए। रथयात्रा के दूसरे दिन मैं अपने रिश्तेदारों सहित मेले में पहुंचा। जहां मैंने झूले व मौत के कुएं का लुत्फ लिया। साथ ही कुलचे व भेलपुड़ी का स्वाद लिया। -निशांत
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