सौंधन। पवांसा ब्लॉक के गांव नारंगपुर, गोंहत और भमोरी पट्टी में डेंगू और बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लोग बुखार से कराह रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सुध नहीं ली है। दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीम इन गांवों में नहीं पहुंची। ग्रामीण झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं।
नारंगपुर गांव में हालात सबसे बुरे हैं, जहां हर दूसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। ग्रामीण जसवीर के परिवार में ललित, हिमांशु, वंदना और उनकी छोटे भाई की पत्नी पुष्पा डेंगू की चपेट में हैं। इसी गांव का 12 वर्षीय सूर्यांश भी डेंगू से पीड़ित है।
भमोरी पट्टी गांव में सौमिक, केशव, रूबी और भूरी को बुखार है, डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। गांव गोंहत निवासी विपिन कुमार और उनकी पत्नी भूरी देवी भी डेंगू से जूझ रहे हैं, जिनकी प्लेटलेट्स लगातार गिर रही हैं।
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न सफाई हुई और न मच्छरों से निजात के लिए फॉगिंग की
ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदारों ने गांवों में साफ-सफाई और फॉगिंग नहीं कराई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मजबूरी में लोग निजी अस्पतालों में 20 से 25 हजार रुपये खर्च करने को मजबूर हैं। गांवों में गंदगी और जल भराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके बाद भी फॉगिंग नहीं की गई।
गांवों में सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। इन गांवों में बुखार पीड़ित मरीजों के लिए शिविर लगवाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को बेहतर उपचार मिल सके।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी