संभल। आरटीई के तहत हुए नर्सरी में प्रवेश के सत्यापन के नाम पर बहजोई के कंपोजिट विद्यालय में तैनात चपरासी अदनान साबरी खान ने अभिभावक से 4430 रुपये की मांग की। अभिभावक की शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। जिस पर चपरासी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभागीय जांच शुरू हो गई है।
संभल के मोहल्ला हल्लू सराय निवासी राजीव ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर से शिकायत करते हुए बताया कि संभल के बाल विद्या मंदिर स्कूल में उनकी बेटी का आरटीई के तहत नर्सरी में प्रवेश हुआ है। विद्यालय से सत्यापन के लिए एक नंबर दिया गया था। नंबर पर कॉल की तो उन्होंने बताया कि वह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बात कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आरटीई के तहत उनकी बेटी का प्रवेश हो गया है लेकिन 4430 रुपये देने होंगे। और बताया कि यह रुपये देने पर 15 हजार रुपये वार्षिक खाते में आएंगे। शिकायतकर्ता ने सबूत के तौर पर एक ऑडियो भी उपलब्ध कराई। शिकायत के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर अदनान साबरी खान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही जुनावई खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संबंद्ध कर दिया गया है। जांच पवांसा के खंड शिक्षा अधिकारी पोप सिंह को सौंपी है। सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
आरटीई के तहत प्रवेश में कई से लोगों से कर चुका है वसूली
वसूली के आरोप में निलंबित किया गया चपरासी अदनाद साबरी खान ने कई लोगों से आरटीई के तहत प्रवेश में वसूली की है। इसको ऑडियो में उसने खुद कबूल किया है। इसकी ऑडियो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायतकर्ता ने दी है। जिसमें वह कह रहा है कि 12 लोगों के आवेदन मिल चुके हैं। इसलिए जल्दी से भुगतान कर दो। जिससे देरी न हो सके।
क्यूआर कोड से किया गुमराह
वसूली के लिए अदनान साबरी खान ने क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया। क्यूआर कोड को स्कैन करने पर प्रवेश पाने वाले बच्चे का नाम दिख रहा है। इससे अभिभावक आसानी से गुमराह हो रहे हैं। इसी तरह राजीव को गुमराह किया गया। वह सतर्क हुए और उन्होंने शिकायत कर दी। जिससे मामला पकड़ में आ सका।