संभल। गंगा की जमीन के गलत आवंटन करने में जेल गए बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह को 30 दिसंबर 2019 को शासन ने सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले बर्खास्त किया था। उन पर अलीगढ़ जिले में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। सरकारी जमीन का आवंटन मनमाने तरीके से किया गया था। इससे सरकार को पांच करोड़ रुपये की हानि हुई थी।
प्रमोटी पीसीएस अधिकारी ओमवीर सिंह की तैनाती वर्ष 2013 से 2015 तक अलीगढ़ में थी। उस अवधि में उन्होंने कोल तहसील में तहसीलदार के पद पर कार्य किया था। आरोप था कि उन्होंने अपने निजी हितों को साधने के लिए सरकारी जमीन का मनमाने तरीके से आवंटन किया। उन्होंने पांच करोड़ रुपये मूल्य की जमीन एक निजी व्यक्ति को नियम विरुद्ध तरीके से दे दी थी। इस गंभीर अनियमितता के कारण सरकार को बड़ा राजस्व नुकसान हुआ था। शिकायत शासन तक पहुंची तो वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की और मामला सही पाया गया था। जांच रिपोर्ट कई वर्ष तक लंबित रही। वर्ष 2019 में संभल की गुन्नौर तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात थे। 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे लेकिन शासन ने 30 दिसंबर को ही बर्खास्त कर दिया था। यह बड़ी कार्रवाई उस समय प्रदेशभर में चर्चा का विषय बनी थी। अब फिर जमीन आवंटन में ही बर्खास्त एसडीएम को जेल भेजा गया है।