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परिवर्तन यात्रा के जोर में दब गया भारत बंद का शोर, बंद बेअसर

Tue, 29 Nov 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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भाजपा
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कांग्रेसियों ने भी बाजार बंदी में कोई जोर नहीं दिखाया। केवल विरोध प्रदर्शन तक भ्‍ाारत बंद सिमट कर रह गया। 
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कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का भारत बंद चंदौसी में बेअसर साबित हुआ। बाजार में अनूठे तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को सराहा गया। नोटबंदी के समर्थन में नरेंद्र मोदी को देवदूत मानकर उनकी आरती कर उनके निर्णय को सराहा गया। रोजाना की अपेक्षा सोमवार को बाजार चार घंटे अधिक खोलकर व्यापारियों ने प्रधानमंत्री विरोधियों को करारा जबाव दिया।


नगर के पसरट्टा बाजार में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय की सराहना की गई। देशहित में लिए जा रहे निर्णयों से खुश होकर व्यापारियों ने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देवदूत मानकर उनकी महाआरती की गई। व्यापारियों ने नोटबंदी को ब्रह्मास्त्र बताते हुए कहा कि देश में फैली हजारों बीमारियों का अब विनाश होगा। कौशल किशोर वंदेमातरम, पराग गोयल, शरद  कुमार, सतीश चंद्र, प्रकाश, अंकित अग्रवाल, रवि अग्रवाल, डा. राजेंद्र  कुमार, विकास, गौरव अग्रवाल, आलोक गोयल, शोभित गुप्ता मौजूद रहे। 
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उधर, संभल में सोमवार को साप्ताहिक बंदी का दिन है। इत्तेफाक  से भारत बंद का आह्वान भी सोमवार के लिए किया गया था। अगर बंद समर्थक थोड़ा सा भी प्रयास करते तो यहां पर बंद हो सकता था लेकिन किसी भी राजनीतिक दल या श्रम संगठन ने यहां बंदी का कोई आह्वान नहीं किया। 


सोमवार को बंद के असर का जायजा लेने के लिए जब अमर उजाला टीम ने दौरा किया तो ऐसी अधिकतर दुकानें खुलीं थीं जो सोमवार को बंदी के बावजूद खुला करती हैं। वहीं ऐसी तमाम दुकाने बंद थीं जो हर बार साप्ताहिक बंदी की वजह से सोमवार को बंद रहती थीं। जाहिर है कि बंदी का संभल में कोई असर नहीं था।
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एक खास बात यह थी कि बंदी को बेअसर  कराने के लिए संभल में भाजपाई सतर्क थे। भाजपा की नगर कमेटी के पदाधिकारी  और सर्राफा व्यापारी रूपेश सर्राफ ने अपने प्रतिष्ठान के आसपास के दुकानदारों और सर्राफा  व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकान बंद करके  नोटबंदी के फैसले के विरोध  न करें। इसका असर रहा। कई दुकानदारों ने बंदी के राष्ट्र व्यापारी आह्वान के बाद भी दुकानें  खोलीं।
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