फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हल्लूसराय में पैरालाइसेस का अटैक, चार साल में तीस पीड़ित

Fri, 28 Apr 2017 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
विज्ञापन
पैरालाइसिस अटैक से पीड़ित बुजुर्ग। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
 दस हजार की आबादी वाले मोहल्ला हल्लूसराय पर पैरालाइसिस की काली नजर है। चार वर्षों से आए दिन कोई न कोई इसका शिकर बन रहा है। पैरालाइसिस के केस बढ़ गए हैं। वर्तमान में मोहल्ले में तीस से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं। पहले से ही गरीबी में जीवन बीता रहे तमाम परिवार इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं।
विज्ञापन


नतीजतन डेढ़ वर्ष में सात लोग इस बीमारी की भेंट चढ़ गए हैं। बुधवार शाम को ही विष्णु (40) पुत्र नारायन सिंह की पैरालाइसिस के अटैक के बाद मौत हो गई है। इससे लोग मौत के साए में डर-डर कर जीने के लिए मजबूर है।

खास बात यह है कि, पैरालाइसिस के शिकारों में ज्यादातर पुरुष हैं। एक ही मोहल्ले में एक ही बीमारी के इतने पीड़ित होने के बावजूद आज तक स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इधर का रुख भी नहीं किया है।  
विज्ञापन

 
अब तक इनकी हुई हैं मौत            
संभल। एक वर्ष पहले नरेश (27) पुत्र नन्हें सिंह, छिद्दा सिंह पुत्र राय सिंह और सात-आठ महीने पहले आनंद सिंह (40) पुत्र रोहताश सिंह की पक्षाघात(पैरालाइसिस) होने से मौत हुई। छह महीने पहले मोहन सिंह पुत्र चंदा सिंह, मंगली (45) पुत्र छोटे सिंह पैरालाइसिस की वजह से मौत का शिकार हुए। इसी कड़ी में विष्णु (40) पुत्र नारायन सिंह की बुधवार की रात्रि में मौत हुई है, मगर एक ही मोहल्ले से इतने लोगों पर एक ही बीमारी का अटैक फिर भी सेहत महकमा उदासीन है। 
    
आठ दिन पहले नरेश पर हुआ पैरालाइसिस का अटैक      
संभल। नरेश पुत्र कोमल सिंह पर करीब एक महीने पहले पैरालाइसिस अटैक हुआ था। डाक्टरों ने बताया था कि नरेश के दिमाग की नस में खून जम गया है। परिजनों ने मुरादाबाद में इलाज कराया। अब स्थिति यह है कि नरेश को बोलना भी भारी पड़ रहा है। परिजन परेशान हैं। कोई समझ नहीं पा रहा है कि आखिर देखते-देखते यह क्या हो गया।         

कमल को चलने फिरने में लाचारी, इलाज में खर्च हो गए लाखों रुपये      
संभल। संजीव और कमल पर पैरालाइसिस का अटैक हुआ। संजीव पर एक वर्ष पहले और कमल पर तीन वर्ष पहले अटैक हुआ था। कमल को चलने फिरने में दिक्कत है। संजीव थोड़ा बहुत चल फिर रहा है। कमल की हालत तो ऐसी है कि वह अपना दर्द भी बयां नहीं कर पा रहा है। परिजनों ने बताया कि तीन वर्ष में जगह जगह इलाज कराया पर थोड़ा लाभ मिला है। इलाज में लाखों रुपये खर्च हो गए।         
  
अटैक के बाद डंडे के सहारे चल रहे हैं बालकिशन         
 संभल। बाएं हाथ और पैर पर पैरालाइसिस का अटैक होने के बाद बालकिशन डंडा लेकर चल रहे हैं। दो वर्ष इलाज कराते हो गए पर अभी तक ठीक नहीं हो सके। सही तरीके से बोल भी नहीं पा रहे हैं। मेरठ से इलाज चल रहा है। भतीजे अरुण ने बताया कि मेरठ में उपचार कर रहे डाक्टर ने बताया कि इनके दिमाग की नस काम करना बंद कर रही है जिसके चलते ऐसी स्थिति आई है।       
      
हरपाल के हाथ में आ गई अब बैसाखी
संभल। पैरालाइसिस से हरपाल का दाहिना हिस्सा बेकार हो गया। उसके हाथ में बैसाखी आ गई। उसी के सहारे ही वह चल पा रहे हैं। हरपाल ने बताया कि रात्रि में सोते समय अटैक हुआ। उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर चलना फिरना दुश्वार हो गया। सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। फिलहाल स्थानीय लोगों से इलाज करा रहे हैं।        
            
मुझे तीन साल पहले फॉलिस हुआ था। मैंने कई डाक्टरों की दवाई खाई थी। मेरठ से भी एक डाक्टर की दवाई खाई थी। उन्होंने बताया था कि दिमाग की नसों में परेशानी है। इसके चलते फॉलिस हो गया। अब कुछ आराम है और काम भी कर लेता हूं। मोहल्ले का पानी खराब है। इसके चलते लोगों को फॉलिस की बीमारी हो रही है।       
ओमप्रकाश, पैरालाइसिस पीड़ित      

पीड़ितों का शक, तालाब का गंदा पानी बीमारी की वजह
हल्लू सराय मोहल्ले के निवासी संजीव चंद्रा ने बताया कि मोहल्ले में दस वर्ष से एक नाले का पानी तालाब में भरा हआ है। इस पानी में तमाम कीटाणु पनप रहे हैं। हो सकता है कि इसी नाले के किसी कीटाणु के हमले में लोग पैरालाइसिस हो रहे हैं।  

इसी मोहल्ले के निवासी वेदप्रकाश ठाकुर ने बताया कि मुझे ऐसा लगता कि पानी प्रदूषित है। इसी मोहल्ले के टीकाराम का कहना है कि जैसे भी मोहल्ले के लोगों को बीमारी मुक्त किया जाए। वहीं कुछ लोगों का क हना है कि, मोहल्ले में ही ठेका है, तमाम लोग शराब भी पीते हैं, मगर पैरालाइसिस के सभी पीड़ित शराब नहीं पीते थे।    


संभल के मोहल्ला हल्लूसराय में पैरालाइसिस से तीस लोग पीड़ित है। इस मामले की अभी तक जानकारी नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग से जानकारी की जाएगी कि उन्होंने अभी तक इस तरफ ध्यान क्यों नहीं दिया है। सीएमओ को मोहल्ले में टीम भेजकर जांच कराने के निर्देश दे रहे हैं। भूपेंद्र एस चौधरी, जिलाधिकारी संभल।

शुक्रवार को हल्लूसराय में डाक्टरों की टीम जाकर जांच करेगी। सभी मरीजों को दवाई वितरित की जाएगी। अभी तक किसी ने हमें इस मामले की जानकारी नहीं दी थी। पैरालाइसिस लोगों को क्यों हो रहा है। इसकी भी जांच कराई जाएगी। अशोक कुमार मिश्रा, सीएमओ

पैरालाइसिस दिमाग की नस फटने और खून जमने से होता है। शराब पीने से पैरालाइसिस नहीं होता है। मोहल्ले के पानी की जांच हो उसके बाद ही पता चलेगा कि किस कारण से लोगों को पैरालाइसिस हो रहा है। डा. प्रवेंद्र सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें