संभल। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र में ग्रामीणों को पंचायत सचिवालय पर जन सेवा केंद्र की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों को अभी भी दूसरे कस्बे और शहर में जाकर ऑनलाइन कार्य कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गांव दतावली में दोपहर एक बजे पंचायत सचिवालय के मुख्य गेट पर ताले लगे हुए थे। ग्राम प्रधान कमलेश देवी ने बताया कि पंचायत सचिवालय पर पंचायत सहायक नहीं आती हैं। इस कारण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। कार्यों के लिए ग्रामीणों को दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। पंचायत सहायक को दो बार नोटिस दिया गया है। अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। गांव अतरासी में स्थित टंकी के कक्ष में अस्थाई रूप से पंचायत सचिवालय का संचालन किया जा रहा है। दोपहर तीन बजे पंचायत सचिवालय के मुख्य गेट पर ताले लगे हुए थे। पंचायत सहायक के अध्यापक बनने के बाद से पंचायत सहायक का पद खाली है। जिससे योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। गांव रसूलपुर धतरा में स्थित पंचायत सचिवालय पर दोपहर 3.36 बजे मुख्य गेट पर ताला लगा रहा। पंचायत सचिवालय के कार्य पंचायत सचिवालय पर मौजूद पंचायत सहायक नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पंचायत सचिवालय से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही आलम गांव शेरपुर में स्थित पंचायत सचिवालय का था। सचिवालय खुल तो रहा था लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही है।
पंचायत सहायक ने पद से इस्तीफा दे दिया है। सचिवालय का काम प्रभावित है। आय, जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो या फिर योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कराना हो। इसके लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
दानवीर, अतरासी
पंचायत सचिवालय जाते हैं तो वहां पर पंचायत सहायक नहीं मिलती। ताला लगा रहता है। बच्चों को छात्रवृत्ति समेत दूसरे कार्यों के लिए आय, जाति बनवाने थे लेकिन पंचायत सचिवालय से नहीं बनवा सके। दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा।
जुगेंद्र सिंह, रसूलपुर धतरा।
नियुक्ति के बाद से पंचायत सहायक नहीं आई है। दो नोटिस दिए गए हैं लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका है। विभागीय अधिकारियों को भी अवगत कराया गया पर सुनवाई नहीं हो सकी।
कमलेश, ग्राम प्रधान दतावली।
ऐसे पंचायत सहायक जो नियमित पंचायत सचिवालय पर नहीं बैठ रहे हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच में पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अशोक कुमार त्यागी, एडीओ पंचायत, पवांसा।