संभल। जिले में लाखों रुपये से हर ग्राम पंचायत में बनाए गए मिनी सचिवालय ग्रामीणों के लिए बेकार साबित हो रहे हैं। मंशा थी कि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं की जानकारी और सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। लेकिन हालात इससे इतर हैं। कहीं मिनी सचिवालय पर ताले लटके हैं तो कही सुविधाओं के लाले पड़े हैं। ग्रामीणों को अपने काम के लिए इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ती है। इससे उन्हें आर्थिक क्षति के साथ समय खर्च करना पड़ रहा है।
पंचायत सचिवालयों के स्थापित होने से यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि अब ग्रामीणों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालय की दौड़ लगानी नहीं पड़ेगी। इसके लिए पंचायत सहायक भी तैनात किए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिले में 670 ग्राम पंचायत हैं। इन ग्राम पंचायतों में ज्यादातर में ग्रामीणों को जनसेवा केंद्र की सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। रजपुरा ब्लॉक के एडीओ पंचायत का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया में पंचायत सहायक लगे हैं। यह प्रक्रिया पूरी हो तो पंचायत सचिवालयों की व्यवस्था सुधार कराई जाएंगी।
मंगलवार को पड़ताल के दौरान इन पंचायत सचिवालयों की हकीकत सामने आई है। असमोली ब्लॉक की ग्राम पंचायत असगरीपुर में पंचायत सचिवालय का निर्माण 2021-22 में किया गया था। लेकिन अब तक पंचायत सहायक की तैनाती नहीं है। इसी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रचैटा में पंचायत सचिवालय तो बना है लेकिन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसी तरह ब्लॉक रजपुरा की कई ग्राम पंचायतों में पड़ताल की। ग्राम पंचायत मुटैना, केसरपुर, खजरा इनायतगंज के पंचायत सचिवालय में दोपहर 12 बजे तक ताला लटका हुआ मिला। इस ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवपुरा में ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर लिया है।
गांव में पंचायत सचिवालय तो बना है लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जनसेवा केंद्र पर ही प्रमाण पत्र आदि के लिए लोग जाते हैं। जबकि यह सुविधाएं पंचायत सचिवालय में मिलनी चाहिए थी।
कमलजीत, गांव रचैटा।
सचिवालय तो बना है लेकिन पंचायत सहायक की ही तैनाती नहीं है। ग्रामीणों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि इससे ग्रामीणों को कई सुविधाएं मिल सकती हैं।
असलम, गांव असगरीपुर।
गांव में पंचायत सचिवालय तो बना है लेकिन अब खंडहर होने लगा है। लाखों रुपये जो खर्च हुए वह शासकीय धन का दुरूपयोग हो गया है। निर्माण होने के बाद से कोई सुविधा नहीं मिल सकी।
रोशन, गांव देवपुरा।
गांव का पंचायत सचिवालय कभी नहीं खुलता। उदासीनता भरा जिम्मेदारों का रवैया है। ग्रामीण जरूरी दस्तावेज के लिए भी आवेदन निजी जनसेवा केंद्रों पर करना पड़ता है। इसमें सुधार किया जाना चाहिए।
-सूरजपाल, गांव खजरा इनायतगंज
पंचायतय सहायक अपने काम के साथ एसआईआर आदि में अपना सहयोग दे रहे हैं।इसलिए पंचायत सचिवालयों का काम प्रभावित हो रहा है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
अक्षय कुमार, एडीओ पंचायत, रजपुरा।
पंचायत सचिवालय तो सभी खुलते हैं। जहां पंचायत सहायक नहीं मिले हैं वहां पंचायत सहायक किसी काम से गए होंगे।
प्रेम पाल सिंह, बीडीओ, असमोली।
यह मिलनी थी सुविधाएं-
जन्म प्रमाण पत्र
मृत्यु प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र
ग्राम पंचायत से संबंधित विभिन्न प्रमाण-पत्र
शिकायत दर्ज कराने की सुविधा व सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन आदि।