संभल। जिले के आठ विकास खंडों में कड़ी पुलिस चौकसी के बीच सुबह आठ बजे से नामांकन शुरू हो गए। पवांसा में शाम पांच बजे भी लंबी कतार थी और कई दावेदारों को बिना नामांकन के लौटना पड़ा। नामांकन के दौरान सामाजिक दूरी बार- बार टूटी। लेकिन यह अच्छी बात थी कि अधिकतर लोग मास्क लगाकर पहुंचे थे। वहीं कोरोना की जांच के लिए विकास खंडों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगीं रहीं। अधिकारियों ने भी भ्रमण किया।
पवांसा में सुबह आठ बजे से ही नामांकन के लिए लोग पहुंचना शुरू हो गए थे लेकिन सभी सहायक निर्वाचन अधिकारी नहीं पहुंचे थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के नामांकन के लिए 13,14, 15 नंबर खिड़की पर कोई सहायक निर्वाचन अधिकारी सुबह आठ बजे से नहीं था। एक घंटे बाद इन खिड़कियों पर नामांकन हुए। नामांकन का सिलसिला शाम सात बजे तक जारी रहा है। हालांकि पांच बजे विकास खंड मुख्यालय का द्वार बंद कर दिया गया था। जो लोग विकास खंड परिसर में थे उनके नामांकन सात बजे तक स्वीकार किए गए।
असमोली विकास खंड में क्षेत्र पंचायत के 594, ग्राम प्रधान पद के 1097 और सदस्य ग्राम पंचायत पद के लिए 678 नामांकन पत्र दाखिल हुए। विकास खंड के आसपास सुबह से ही नामांकन दाखिल करने वालों की भीड़ एकत्र होने लगी थी। दस बजे तक भारी भीड़ हो गई। पुलिस ने सबको कतार में लगवाया तो कतार लंबी होने लगी। करीब आधा किलोमीटर लंबी कतार लग गई। पुलिस ने सबको कतार में लगवाया। समर्थक आए उन्हें आसपास भी फटकने नहीं दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार जायसवाल और सीओ अरुण कुमार सिंह भी व्यवस्था देखने पहुंचे। असमोली सुनिर्वाचन अधिकारी अचानक अस्वस्थ हुए तो इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। उन्होंने व्यवस्था संभालने के लिए डीपीआरओ को भेजा। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी भी आ गए। दिन भर व्यवस्था ठीक चली।