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Sambhal News: धान क्रय केंद्रों पर टोकन की तिथि पर भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसान

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चंदौसी(संभल)। मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों पर पर टोकन मिलने के बाद मिली तिथि के अनुसार भी धान लेकर क्रय केंद्रोंं पर पहुंच रहे किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। टोकन पर मिली तिथि पर उनका धान नहीं बिक पा रहा है। दो से तीन दिन से किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार धान रखने के लिए जगह न होने और बीच-बीच में बिजली गुल होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे हैं।मंडी समिति में खाद एवं रसद विभाग के दो, पीसीएफ के दो व पीसीयू का एक सरकारी क्रय केंद्र खोला गया है। प्रत्येक क्रय केंद्र पर रोजाना करीब 200 से 300 क्विंटल की धान खरीद की जा रही है। आलम ये है कि सभी सेंटर के चबूतरे धान से भरी बोरियों से पटे हुए हैं। हालांकि मंडी प्रशासन ने धान रखने के लिए अतिरिक्त चबूतरे दे दिए हैं। इसके बावजूद टोकन मिलने के बाद तिथि के अनुसार धान लेकर आए किसानों को अपना धान बेचने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। तिथि के अनुसार भी उनका धान नहीं बिक पा रहा। कई दिन से किसान अपनी बारी के आने का इंतजार कर रहे हैं।
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किसानों का आरोप है कि पुराने टोकन वालों का धान पहले तौला जा रहा है। जबकि उनका धान तिथि पर भी नहीं तौला गया। इससे ट्रैक्टर-ट्राली का प्रतिदिन 1000-1500 रुपये के हिसाब से किराया चढ़ रहा है। वहीं किसानों का आरोप है कि शाम पांच के बाद रात आठ बजे तक व्यापारियों से धान खरीदा जाता है।

बोले किसान:
टोकन मिलने के बाद उन्हें छह नवंबर को धान लेकर क्रय केंद्र पर बुलाया गया था। दो दिन बीत गए। आठ नवंबर तक नंबर नहीं आया है। जिससे ट्रैक्टर-ट्राली का किराया भी प्रतिदिन के हिसाब से 1000 रुपये चढ़ रहा है।
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-मुबीन आलम, किसान, गांव कोकावास


मेरे पास तीन नवंबर का टोकन था। पांच नवंबर को क्रय केंद्र पर बुलाया गया। आठ नवंबर तक नंबर नहीं आया है। ट्रैक्टर-ट्राली का किराया प्रतिदिन चढ़ रहा है। ऊपरी पैसा देने वालों का धान पहले तौला जा रहा है।
-दिनेश कुमार, किसान, गांव जयरोई हयातनगर


टोकन के हिसाब से उन्हें सात नवंबर को क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए बुलाया गया था लेकिन आठ नवंबर की दोपहर तक धान नहीं तौला गया। रात में रुकने में भी परेशानी होती है। साथ ही ट्रैक्टर का किराया चढ़ रहा है।
-भूरे खां, किसान, गांव नबादा

मैं पहले अपने गांव के पास रीठ गांव में संचालित पीसीयू के धान क्रय केंद्र पर गया था। वहां धान तौलने से मना कर दिया गया और 12 किलोमीटर दूर मंडी समिति चंदौसी भेज दिया। यहां भी तौल होने में इंतजार करना पड़ रहा है।

-किशनपाल, किसान, गांव बलकरनपुर
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किसानों का धान लगातार खरीदा जा रहा है। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक तौल होती है। वहीं बिजली गुल होने पर तौल बाधित हो जाती है। जिस कारण शाम धान रात होने पर भी तौल दिया जाता है। वहीं स्टाॅक काफी जमा हो गया है। चार दिन पहले ही चबूतरे फुल हो गए। धान रखने की समस्या आ रहा है।
-शांति मोहन दीक्षित, क्रय केंद्र संचालक, खाद एवं रसद विभाग

क्रय केंद्रों पर धान का स्टाॅक अधिक होने की वजह से मंडी में अतिरिक्त स्थान दे दिया गया है। क्रय केंद्रों का धान मिल से एग्रीमेंट नहीं हो पा रहा है। जिससे स्टाॅक जमा है। एक-दो दिन में एग्रीमेंट होने की संभावना है। एग्रीमेंट होने के बाद धान का स्टाॅक भी खत्म हो जाएगा।
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-मलखान सिंह, मंडी सचिव, चंदौसी
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