संभल। आईवीएफ प्रक्रिया से भी जब संतान नहीं होने की जानकारी दिल्ली के थाना करावल नगर अंतर्गत शिव विहार निवासी गुड्डी को मिली तो वह बेचैन थी। इस बेचैनी को आईवीएफ क्लीनिक पर काम करने वाली नर्स कोमल ने भांप लिया था। उसने ही गुड्डी को बच्चा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। इस पर गुड्डी राजी हुई और अपने पति को भी तैयार कर लिया था। पांच लाख रुपये में बच्चे का सौदा हो गया था।
4 अगस्त को गांव ओबरी में आयोजित हुए मेले से गांव निवासी सलमान के चार वर्षीय बेटे उवैस का अपहरण किया गया था। उवैस को आरोपियों ने गुड्डी को सुपुर्द कर दिया था। एसपी ने बताया कि गुड्डी ने उवैस को केशव नाम दिया और धार्मिक क्रियाकलाप कराए गए। वृंदावन तक लेकर गए थे। हालांकि गुड्डी को यह जानकारी नहीं थी कि बच्चे का नाम उवैस है लेकिन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गुड्डी के 17 वर्षीय बेटे आकाश ने करीब डेढ़ वर्ष पहले यमुना नदी में कूदकर जान दे दी थी। आकाश इकलौता बेटा था और दो बेटियां हैं। बेटे की मौत से गुड्डी और पूरा परिवार परेशान था। बेटे की आस में वह आईवीएफ क्लीनिक तक पहुंची थी लेकिन वहां भी मायूसी मिली थी। इसका ही फायदा कोमल ने उठाया और बच्चा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। हालांकि गुड्डी ने पुलिस को बताया कि उसको यह नहीं पता था कि बच्चा अपहरण किया गया है। लेकिन पुलिस का मानना है कि जिस प्रक्रिया से महिला ने बच्चे को खरीदा है वह भी कानून के खिलाफ है। इसलिए बराबर की आरोपी है। गांव ओबरी निवासी उवैस के साथ हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव के नाजिर हुसैन के चार वर्षीय बेटे सुलेमान का भी अपहरण गांव ओबरी के मेले से हुआ था। इस अपहरण में पूरा गिरोह सक्रिय था। हालांकि उवैस को तो बेच दिया गया था लेकिन सुलेमान को आरोपी छोड़ गए थे। अब पुलिस रामपुर के थाना खजुरिया अंतर्गत गांव ऊधमपुरा निवासी सलमान उर्फ सुल्तान और उसकी पत्नी साजिया को तलाश रही है। इन दंपती के पकड़े जाने से बच्चा तस्करी का पूरा सिंडिकेट सामने आ सकता है। एसपी का कहना है कि दंपती की तलाश में टीम लगी है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव निवासी फरीद, जिला मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के सादात निवासी फैसल, पाकबड़ा निवासी शमशाद, दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल, नंदनगरी निवासी वंदना जैन और करावल नगर निवासी गुड्डी शामिल है।