संभल। भले ही पूरे देश में कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया जा रहा हो और उन पर पुष्पवर्षा की जा रही हो पर संभल के एक होटल में ठहरे कोरोना योद्धाओं से होटल खाली कराने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए गए। शनिवार को रात पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई।
रविवार को सुबह तक जब पानी नहीं मिला तो एक डाक्टर ने होटल मालिक को फोन किया। फोन पर बातचीत में होटल मालिक ने होटल के आसपास रहने वाले सत्ताधारी दल के नेताओं और आबादी के आक्रोश का हवाला देकर कहीं और जाने की सलाह दी। यह भी कहा कि जंगल या मुख्य मार्ग के किनारे वाले किसी होटल में चले जाएं। जब पानी नहीं मिला डाक्टर मजबूरी में होटल से चले गए।
जिले में कोरोना से जंग में लगे सरकारी तीन डाक्टरों और छह चिकित्साकर्मियों को संभल के आलमसराय के करीब स्थित एक होटल में 15 अप्रैल को प्रशासन ने ठहरने की व्यवस्था कराई थी। चिकित्साकर्मियों की मानें तो 16 अप्रैल से ही होटल मालिक ने समस्या खड़ी करनी शुरू कर दी। पहले दिन सफाई नहीं कराई उसके बाद होटल के जिन कक्षों में वे लोग ठहरे हुए थे वहां के टीवी बंद करा दिए। इसके बाद भी चिकित्सा कर्मी ठहरे रहे। शनिवार की रात को पानी खत्म हो गया। रविवार को सुबह भी पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। कई चिकित्साकर्मी बिना नहाए ही ड्यूटी पर चले गए क्योंकि उनकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से लगी हुई थी।
जो कर्मचारी होटल में रूके थे उन्होंने होटल मालिक से संपर्क किया। होटल मालिक ने बताया कि होटल के आसपास के लोग विरोध कर रहे हैं। इसलिए आप कहीं ठहरने का इतंजाम करें। या दूसरा होटल देख लें। असुविधा होने की जानकारी चिकित्साकर्मियों ने अपने आला अधिकारियों को दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। होटल मालिक ने ऐसे हालात बना दिए कि रविवार को सुबह दस बजे कोरोना योद्धाओं की टीम होटल खाली करके चली गई। ड्यूटी के बाद चिकित्सक और चिकित्साकर्मी ठहरने के लिए परेशान नजर आए।
बेदखल करने वाले पर कार्रवाई नहीं. दूसरे होटल में ठहराए गए कोरोना योद्धा
संभल। प्रकरण जब जिलाधिकारी के संज्ञान में आया तो उन्होंने सीएमओ और तहसील के अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए। उप जिलाधिकारी और सीओ मौके पर गए। सीएमओ डा. अमिता सिंह डाक्टरों को दूसरे होटल में ठहरने का इंतजाम कराया लेकिन होटल खाली कराने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिलाधिकारी से जब पूछा तो उनका कहना था कि सीओ और एसडीएम ने उन्हें यही बताया है कि होटल में डाक्टरों को कोई असुविधा हो रही थी। इसलिए उनके लिए संभल में ही दूसरे होटल का इंतजाम किया गया है। जब जिलाधिकारी को यह बताया कि डाक्टरों के पानी की आपूर्ति बंद की गई और होटल मालिक ने जंगल या किसी दूसरे होटल में जाने के लिए कहा था। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि अभी तक कर्मचारियों को होटल से निकाले जाने की जानकारी उनके पास नहीं आई है। असुविधा होने पर चिकित्सक और चिकित्साकर्मी खुद होटल से गए हैं।
चिकित्सक का बयान
पहले दिन तो चाबी दी गई। उसके बाद सफाई तक नहीं कराई। दूसरे दिन से ही जाने के बारे में पूछना शुरू कर दिया। फिर टीवी बंद कर दी। लोगों में फैल रहे रोष का हवाला दिया और खाली कराने के लिए कहा। जंगल या कहीं अन्य स्थान पर होटल देखने के लिए कहा गया। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है।
डा. नजीब उर्रहमान, चिकित्सक।
होटल मालिक ने कहा-कोरोना को लेकर भयभीत आसपास के लोग चाहते थे होटल खाली हो जाए
संभल। होटल मालिक अरुण गोयल ने कहा कि आसपास के लोग कोरोना से भयभीत थे। इसलिए वे चाहते थे कि होटल खाली हो जाए। डाक्टर और चिकित्साकर्मी यहां आएंगे उनसे कहीं कोरोना न फैल जाए। इसी भय के कारण लोगों ने जैसा उनके कहा था वही उन्होंने डाक्टर को बताया गया था। होटल की चाबी तो 15 अप्रैल को ही दे दी थी। किसी से होटल खाली नहीं करने के लिए नहीं गया।