संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में साजिशकर्ता कौन है। इस सवाल का जवाब पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तलाश रहे हैं। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने रविवार को लोकनिर्माण विभाग के गेस्टहाउस में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि सिर्फ साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि बवाल के पीछे जो साजिशकर्ता हैं उनको बेनकाब किया जाए। उनके खिलाफ सबूत एकत्र किए जाएं। ताकि सख्त कार्रवाई फिर की जा सके। आगे कहा कि उपद्रवियों को तो गिरफ्तार किया ही जाएगा लेकिन उनके गिरफ्तार करने की हमें जल्दी नहीं है। हमारा प्रयास साजिशकर्ताओं तक पहुंचने का है। इसी बिंदु पर छानबीन जारी है। बताया कि बवाल के साजिशकर्ताओं तक पहुंचने से पूरी घटना की तस्वीर सामने आ जाएगी। इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। कमिश्नर ने बताया कि 24 नवंबर को हुए बवाल में 30 आरोपी ही गिरफ्तार हुए हैं। पहचान करने की कार्रवाई जारी है। पोस्टर भी चस्पा किए जाएंगे लेकिन उससे पहले प्रक्रिया को पूरा किया जाना बाकी है। कमिश्नर ने कहा कि आम लोगों द्वारा भी उपद्रवियों की पहचान के लिए मदद की जा रही है लेकिन उसकी पड़ताल कर रहे हैं। जिससे कोई किसी को रंजिशन न फंसा दे। जो निर्दोष है उसको नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए पूरी एहतियात के साथ ही उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
नुकसान के मूल्याकंन की समीक्षा कर रहा प्रशासन
बवाल के दौरान कार, बाइक और अन्य सामान की क्षति की गई। उपद्रवियों से इस नुकसान की वसूली की जानी है। कमिश्नर ने बताया कि घटना के दौरान जो नुकसान हुआ है उसका मूल्यांकन किया जा चुका है। उसकी समीक्षा की जा रही है। जिससे सही जानकारी सामने आ सके। इसके बाद ही बता सकेंगे कि कितना नुकसान उपद्रवियों ने किया है।