संभल। चंदौसी के गांव छाबड़ा निवासी योगेंद्र सिंह को बीमा धनराशि ब्याज समेत दिए जाने के आदेश उपभोक्ता आयोग द्वारा किए गए हैं। बीमा कंपनी और बैंक ने योगेंद्र सिंह को उनके पिता की बीमित धनराशि दिए जाने से इन्कार कर दिया था। जबकि योगेंद्र सिंह अपने पिता की बीमा पॉलिसी में नॉमिनी थे। इस मामले को उन्होंने उपभोक्ता आयोग में दाखिल किया।
बीमा कंपनी, बैंक और योगेंद्र सिंह का पक्ष जानने के बाद निर्णय दिया गया है। योगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता जयवीर सिंह ने अपने जीवनकाल में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक छाबड़ा में अपने बचत खाते पर एक प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की पॉलिसी कराई थी। 29 जनवरी 2023 को खेत पर रखवाली करते समय आवारा पशु की टक्कर से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान मौत हो गई थी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया था।
इसके बाद नॉमिनी होने के नाते उन्होंने बीमा की धनराशि मांगी तो बीमा कंपनी और बैंक ने देने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद वह उपभोक्ता आयोग पहुंचे। अब बीमा की धनराशि दो लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से देने का आदेश किया है। इसके अलावा मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि का भी खर्च दिए जाने का आदेश किया है।