चंदौसी। जुनावई क्षेत्र के गांव कादराबाद निवासी जोगेंद्र सिंह व देवेंद्र सिंह ने पीएनबी की शाखा से दो मार्च 2020 को केसीसी बनाया था। बैंक शाखा ने उनहें एक लाख 18 हजार का ऋण स्वीकृत किया था। 35 हजार रुपये देकर शेष ऋण अगले कुछ दिनों में देने की बात कही। कुछ दिनों बाद दोनों भाई फिर से बैंक गए, तो बैैंक ने पिछड़ा ऋण बताकर टरका दिया। ऋण की राशि 80 हजार रुपये बकाया बताई। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि दोनों किसी भाईयों ने मामले की आयोग से शिकायत की। सुनवाई के बाद बैंक अधिकारियों ने भूल स्वीकार की तथा अन्य किसी किसान के नाम का ऋण उनके नाम पर अंकित होने की बात कही। आयोग के अध्यक्ष रामअचल यादव व सदस्य आशुतोष ने सुनवाई की। आदेश दिए कि केसीसी अकाउंट की 80 हजार रुपये की धनराशि ब्याज सहित उनके खाते में जमा कराने के आदेश दिए। इसके साथ दस हजार रुपये मानसिक कष्ट और पांच हजार रुपये वाद व्यय अदा करने के आदेश दिए।