सहायक आयुक्त औषधि मुरादाबाद मंडल के निर्देश पर संभल और रामपुर जिले के औषधि निरीक्षकों ने पुलिस टीम के साथ असमोली में मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। अवैध तरीके से मेडिकल संचालित करने के आरोप में उसके संचालक को गिरफ्तार लिया गया। मेडिकल से एक लाख रुपये की दवाएं सील करके जब्त करते हुए दो संदिग्ध दवाओं के नमूने लिए गए। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
अवैध तरीके से मेडिकल स्टोर संचालित करने की शिकायत सहायक आयुक्त औषधि मुरादाबाद से की गई थी। उनके निर्देश पर बुधवार को संभल के औषधि निरीक्षक पीयूष कुमार और रामपुर के औषधि निरीक्षक अनुरोध कुमार ने असमोली थाने से पुलिस बल लेकर संभल-जोया मार्ग पर असमोली में राहुल मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल पर राहुल निवासी शिव मंदिर मिला।
विभाग द्वारा जारी औषधि बिक्री के लाइसेंस के बारे में पूछा गया। लेकिन उसने बताया कि किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं है। साफ हुआ कि मेडिकल पर औषधियों के भंडारण और बिक्री के लिए कोई लाइसेंस नहीं लिया गया है। टीम को भंडारित औषधियों के क्रय अभिलेख भी नहीं दिखाए गए। मौके पर आसपास के लोग भी पहुंच गए। औषधि निरीक्षक संभल ने बताया कि राहुल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
मेडिकल से 60 तरह की दवाएं सील करके जब्त की गईं। इनमें एंटी बायोटिक, एंटी एनर्जिक दवाएं और सीरप भी हैं। इनकी कीमत लगभग एक लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि दो संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। औषधि निरीक्षक ने थाना पुलिस को तहरीर दी। थानाध्यक्ष असमोली राजवीर सिंह यादव ने बताया कि औषधि निरीक्षक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपी का चालान किया जा रहा है।
कार्रवाई से क्षेत्र में मची खलबली
संभल। बुधवार को औषधि विभाग की असमोली में हुई छापामार कार्रवाई से दूसरे मेडिकल स्टोर संचालकों में खलबली का माहौल रहा। कई मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद करके भाग गए। अपने शुभचिंतकों से कार्रवाई की जानकारी लेते रहे।
औषधि विभाग द्वारा जारी लाइसेंस के बाद ही मेडिकल स्टोर का संचालन और दवाओं की बिक्री की जाए। अब आवेदन करने के महज सात दिन में लाइसेंस मिल सकता है। क्षेत्र में कहीं भी बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर का संचालन न हो। क्योंकि नियम का पालन नहीं करना पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
पीयूष कुमार, औषधि निरीक्षक संभल