बराही गांव में खुदाई करने का विरोध करते लोग। अमर उजाला
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कब्रिस्तान की भूमि में तालाब बनाने के लिए खुदाई करने पहुंचे अधिकारियों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मुस्लिम पक्ष के लोगों ने भूमि कब्रिस्तान की बताकर हंगामा शुरू कर दिया। जबकि प्रशासन कब्रिस्तान में कुछ भूमि तालाब की बता रहा था। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में मुस्लिम पक्ष के लोगों ने न्यायालय के स्टे लेकर पहुंच गए। इसके बाद प्रशासन जेसीबी मशीन लेकर वापस लौट आया।
थाना नखासा क्षेत्र के गांव बराही में एक कब्रिस्तान है, जबकि प्रशासन के कागजों कब्रिस्तान की भूमि के पास में तालाब दर्ज है। ऐसे में प्रशासन ने तालाब खोदने के लिए जल निगम को जगह चिन्हित करके दी तो कर्मचारी जेसीबी लेकर तालाब बनाने के लिए भूमि की खुदाई करने के लिए पहुंच गए।
जैसे ही कब्रिस्तान में जेसीबी से खुदाई शुरू कराई तो मुस्लिम पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने खुदाई का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर नायब तहसीलदार नितिन तनेजा व पुलिस भी पहुंच गई।
कब्रिस्तान पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गांव के कारी निजामउद्दीन, इकबाल, मेंहदी आदि ने न्यायालय की शरण ली और वादी पक्ष को सुनते हुए न्यायालय ने स्टे आदेश (यथा स्थिति आदेश) जारी कर दिए।
न्यायालय का स्टे आदेश देखने के बाद नायब तहसीलदार ने जेसीबी से हो रहे कार्य को रोक दिया। गांव वालों का आरोप था कि कब्रिस्तान की कब्रों को लेखपाल की मिली भगत से तहस नहस किया गया है। भूमाफिया जब अपने मकसद में कायमाब नहीं हुए तो प्रशासन को गुमराह कर तालाब बनाने का प्रयास किया गया। गांव में फिलहाल शांति बनी हुई है भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।