बैंक में लगी भीषण आग। दूसरे चित्र में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी।
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नखासा थानाक्षेत्र के मोहल्ला तुर्तीपुर इल्हा में शुक्रवार रात को एक घर में आग लग गई। घर में रह रहे अकेले बुजुर्ग आग की लपटों में आने से बुरी तरह झुलस गए। आसपास के लोगों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और निजी डाक्टर के पास ले गए। डाक्टर ने वृद्ध को देखते ही मृत घोषित कर दिया। लोगों ने शव को दफना दिया। लोगों का कहना है कि ठंड के बचाव के लिए घर में आग जलाई गई होगी। उसी आग में उसकी मौत हो गई।
मोहल्ला तुर्तीपुर इल्हा में ग्यासुद्दीन का घर है। इनके खंडहरनुमा मकान में लगभग 15 साल से मोहल्ला डेरा सराय निवासी रफीक (65 वर्ष) रहते थे। उनकी पत्नी की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। उनकी कोई संतान नहीं थी। बुजुर्ग रफीक को मोहल्ले के ही लोग सहारा देते थे। कड़ाके की ठंड के बीच शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे घर से आग की लपटें और धुआं उठता दिखा तो आसपास के लोग वहां पहुंच गए। लोगों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो घर में आग फैल रही थी और रफीक झुलसकर एक तरफ पड़े थे। लोग घर में लगी आग को पानी डालकर बुझाने लगे।
हालांकि फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई थी। मगर जब तक गाड़ी पहुंची तब तक लोगों ने आग पर काबू पा लिया था। लेकिन आग से वृद्ध को नहीं बचाया जा सका। अनुमान लगाया जा रहा है कि आग तापने के लिए रफीक ने आग जलाई होगी और बाद में सो गए होंगे। लेकिन आग बुझी नहीं होने के कारण घर में आग लग गई।