संभल। लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में प्रभारी अधिकारी नहीं पहुंचे। फरियादी खाली कुर्सियों को देख इधर-उधर भटकते रहे।
शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक श्रीश्चंद्र साढ़े दस बजे पहुंचे और 20 मिनट बैठकर लौट आए। कक्ष में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियाद लेकर पहुंचे लोग अधिकारी न होने की वजह से शिकायत दर्ज कराने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक यही नजारा बना रहा। इसके बाद उप जिलाधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी पहुंचे और इंतजार कर रहे लोगों की शिकायतें सुनीं। समाधान दिवस में 54 शिकायतें पहुंचीं। इनमें राजस्व की दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। राजस्व की 42, पुलिस की पांच और अन्य सात मिलाकर कुल 54 शिकायतें रहीं। हालांकि, इस दौरान तहसीलदार चंद्रशेखर वर्मा मंच के एक ओर बैठकर शिकायत सुन रहे थे, पर शिकायतकर्ता इन्हें नहीं समझ पाए और भटकते रहे।
यह बोले फरियादी
तहसील दिवस में आए दो घंटे बीत गए। 12 बज रहे हैं, पर कोई अधिकारी नहीं है। जमीन का विवाद है, सो पैमाइस करानी है। इसके लिए अर्जी देनी थी। -प्रीतम सिंह, गांव लधनपुर
जमीन की पैमाइस कराने के लिए लेखपाल से कहा पर सुनवाई नहीं हुई। संपूर्ण समाधान दिवस में उम्मीद लेकर आए थे, कि पैमाइस संबंधी कार्रवाई हो जाएगी पर यहां कोई मिला ही नहीं। घर को लौट रहे हैं। -श्रीपाल सिंह, गांव आढ़ोल
कांशीराम नगर कॉलोनी हयातनगर में चार नल खराब हो गए हैं। पानी की समस्या हैं। कई बार इसकी शिकायत की पर सुनवाई नहीं हो रही है। एडीएम के शिकायतें सुनने की जानकारी होने पर यहां आए थे, ताकि समाधान मिलता पर नहीं मिल पाया है। -मोहम्मद आलम, कांशीराम कॉलोनी, हयातनगर
जमीन पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा है, इसे छोड़ नहीं रहे हैं। अपर जिलाधिकारी से पीड़ा बताने आई थी और इस बाबत पत्र देना था पर वह नहीं आए हैं। इससे वापस लौटना पड़ेगा -लता मंगेश्वर, गांव मुजफ्फरपुर
खिरनी में औद्योगिक गलियारे के लिए शासन स्तर पर स्वीकृत प्रस्ताव का स्थलीय निरीक्षण करने यूपीडा की टीम आ गई थी। टीम के साथ मौके पर जाना पड़ा। इस वजह से संपूर्ण समाधान दिवस में नहीं पहुंच सका। लोगों की शिकायतें सुनने के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया गया था। -प्रदीप वर्मा, एडीएम