आंगनबाड़ी केंद्रों पर अक्टूबर माह से पुष्टाहार नहीं पहुंचा है। जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है। शासन की ओर से जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए चल रहा अभियान फेल होता नजर आ रहा है। जिले में संचालित 1772 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं।
जिले में 1772 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन केंद्रों पर करीब 2,19,423 बच्चे पंजीकृत हैं। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहर वितरण के साथ ही हाट कुक्ड योजना लागू हैं। जहां से बच्चों संग गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार दिया जाता है। शिक्षा के साथ इन केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाता है। केंद्र पर कुपोषित बच्चों और गर्भवती को माह में तीन दिन 5, 15 व 25 तारीख को पोषाहार वितरित किए जाने का निर्देश हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह का पुष्टाहार नहीं पहुंचा है। जिससे धात्री महिलाओं संग बच्चों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। केंद्रों पर पुष्टाहार न वितरित होने का सबसे ज्यादा असर कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों पर पड़ा है। जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या 10 हजार 597 तो अतिकुपोषित बच्चों की संख्या 1891 है।
- शासन की ओर से ही अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह का पुष्टाहार नहीं मिला है। जनवरी माह में पुष्टाहार सप्लाई मिलने की पूरी उम्मीद है। - महेश कुमार, सीडीपीओ