संभल। संभल तहसील के छोटे से गांव कल्याणपुर में गुरुकुल अखाड़ा बना है। इस अखाड़े के संचालक भोले सिंह त्यागी पहलवानों को तैयार करते हैं। लड़कों के मुकाबले बड़ी संख्या में लड़कियां पहलवानी सीख रही हैं। इन बेटियों ने नाम भी रोशन किया है। प्रदेश और देश के बड़े बड़े टूर्नामेंट में भाग लिया है और मेडल जीत कर लाई हैं। सरकारी स्तर पर तो पहलवानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, लेकिन भोले सिंह त्यागी निशुल्क पहलवानों को तैयार कर रहे हैं।
यह अखाड़ा फिल्म दंगल की राह पर भी है। ऐसा इसलिए कि परिवार के जो मुखिया हैं, वह खुद कोच हैं। तमाम कुश्तियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में लोहा मनवा चुके कोच अब बेटियों को महावीर फोगाट की तरह दांवपेंच सिखा रहे हैं। इनके अखाड़े से निकलकर तमाम पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे हैं। त्यागी स्पोर्ट्स एवं कन्या गुरुकुल के कोच भोले सिंह त्यागी बताते हैं कि उनके पिता शिवचरन सिंह त्यागी अंतरराष्ट्रीय पहलवान थे। उनकी प्रेरणा से ही यह संभव हो रहा है। भोले सिंह त्यागी बताते हैं कि उन्होंने पहले अपने बेटे और बेटियों को भी पहलवानी के अखाड़े में दांवपेंच सिखाए। उनका खुद का बेटा वरुण, बेटी रश्मि त्यागी, रजनी चाहल, पायल शर्मा समेत छह पहलवान अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। वर्तमान समय में आयुषी, तराना, केशव, अथर्व, दार्शिल, छवि, ललिता पहलवानी सीख रहीं हैं।
सरकारी मदद मिले तो सुधरे हालात
त्यागी स्पोर्ट्स एवं कन्या गुरुकुल कल्याणपुर से ही भले ही अंतरराष्ट्रीय पहलवान निकल रहे हों, पर यहां सरकारी मदद की दरकार है। अपने संसाधनों से जितना संभव हो पाता है, वह भोले सिंह त्यागी कर पा रहे हैं। वह बताते हैं कि तमाम प्रयासों के बावजूद हल कुछ नहीं निकला है। सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है पर जनपद में कहां बढ़ावा मिल रहा है, किसी को पता नहीं है। यहां के प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि खेल प्रतिभाएं आगे निकल सकें।