प्रशासन ने नहीं लगने दिया था मेला
जनेटा दरगाह को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। यहां हर साल चार दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें जनपद के अलावा दूसरे शहरों के दुकानदार रोजगार के लिए आते हैं। इस बार मेले से ठीक पांच दिन पहले मेले को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने धारा 63 का हवाला देते हुए मेला लगाने की अनुमति नहीं दी। बाद में दरगाह कमेटी को मेला स्थगित करना पड़ा।
वक्फ अधिनियम लागू होने के बाद जिले में पहला मामला
वक्फ संशोधन अधिनियम लागू होने के बाद जनेटा दरगाह का ये प्रकरण जिले का पहला मामला बन गया है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि दरगाह की भूमि सरकारी संपत्ति है। इस पर डॉ. सैयद ने अवैध रूप से कब्जा करके खुद को मुतवल्ली घाेषित कर लिया है। यहां हर साल मेला लगाकर अवैध उगाही की जाती है।
जनेटा दरगाह की भूमि को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इसके बाद दरगाह के मुतवल्ली से भूमि के दस्तावेज मांगे गए, जोकि उन्होंने उपलब्ध करा दिए हैं। प्रथम दृष्टया कागजों में वक्फ संपत्ति नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-धीरेंद्र प्रताप सिंह, तहसीदार, चंदौसी