जीवन बीमा पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू न देने पर उपभोक्ता फोरम ने लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के मुख्य प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामले की सुनवाई सात अक्तूबर को होगी।
बहजोई के निवासी सचिन गोयल ने प्रथमा बैंक शाखा मऊ से भवन निर्माण के लिए वर्ष-2005 में दो लाख रुपये का ऋण लिया। जिसकी सुरक्षा के लिए प्रतिभूति के रूप में उन्होंने बजाज एलाइंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से एक जीवन बीमा पॉलिसी क्रय करके जमा की। वर्ष 2017 में प्रथमा बैंक की समस्त ऋण की अदायगी कर दी। जिसके बाद नोड्यूज प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया। इसके बाद बजाज एलाइंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से उनके द्वारा क्रय की गई पॉलिसी सरेंडर कर सरेंडर वैल्यू दिए जाने की मांग की जिस पर कंपनी ने यह कहकर मना कर दिया गया कि आपकी पॉलिसी प्रथमा बैंक में बंधक है, जबकि उनके द्वारा नोड्यूज प्रमाण पत्र भी दिखाया गया। अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय के माध्यम से यह मामला जिला उपभोक्ता आयोग में जा पहुंचा। जिसके बाद बीमा पॉलिसी के अंतर्गत जमा की गई प्रीमियम धनराशि ब्याज सहित परिवादी को अदा करने के आदेश दिए लेकिन फिर भी कंपनी ने पॉलिसी धारक को धनराशि नहीं दी। अब इस मामले में मुख्य प्रबंधक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।