संभल। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के साथ-साथ मजदूर भी व्यस्त हैं। इसका असर गेहूं की कटाई और सरकारी खरीद पर पड़ रहा है। गेहूं खरीद शुरू होने के 22 दिन बाद भी जिले में 20 क्रय केंद्र ऐसे हैं, जहां अभी तक गेहूं एक भी दाना नहीं पहुंचा है। गेहूं खरीद की धीमी गति को लेकर अधिकारी भी चिंतित हैं। अधिकारियों ने सरकारी केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
संभल जनपद में गेहूं खरीद के लिए नौ एजेंसियों के 71 गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हो गई है, लेकिन इन केंद्रों पर कम किसान ही गेहूं लेकर पहुंच रहे हैं। 71 में से 20 क्रय केंद्र ऐसे हैं, जहां अभी तक गेहूं नहीं पहुंचा है। 22 दिनों में जिले में मात्र सात हजार 321 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गया है। मंडी समिति चंदौसी में स्थित आरएफसी द्वितीय क्रय केंद्र प्रभारी राजकुमार ने बताया कि दिन में बमुश्किल एक या दो किसान ही गेहूं लेकर आ रहे हैं। सुबह से शाम तक ड्यूटी पर रहकर किसानों का इंतजार करते रहते हैं।
मजदूर लगे चुनाव में, कटाई प्रभावित
जिले में ग्राम पंचायत का चुनाव चल रहा है। गांवों में दावतों का दौर चल रहा है, मजदूर दावतों में व्यस्त हैं। इसका असर गेहूं की कटाई पर पड़ रहा है। अभी भी 30 फीसदी से अधिक गेहूं की कटाई नहीं हुई है। कुछ किसान भी चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। इसका असर भी गेहूं की सरकारी खरीद पर भी पड़ा है। गहाई न होने से क्रय केंद्रों पर कम ही गेहूं पहुंच रहा है।
मौसम के बदलने से किसान चिंतित
अभी काफी गेहूं खेतों में खड़ा हैं। उसकी कटाई और गहाई होनी बाकी है। बार बार मौसम बदल रहा है। आसमान में घटाएं छाने से किसान के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रहीं हैं। तीन दिन पूर्व शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई थी।
क्रय केंद्रों पर अभी गेहूं कम आ रहा है। किसान व मजदूर चुनाव में लगे हैं। करीब 20 क्रय केंद्र ऐसे हैं, जहां अभी तक गेहूं की खरीद की शुरूआत नहीं हुई है। क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह किसानों से संपर्क कर गेहूं खरीद में तेजी लाए।
विजेयता सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संभल