संभल। आसपास के जनपदों में संभल ही ऐसा जनपद है जो कोरोना से बचा हुआ है। यहां की जनता लॉकडाउन का पालन कर रही है। इसलिए आप संभल जिले की जनता के जज्बे को सलाम कर सकते हैं। यहां के लोग छोटी से छोटी सूचना प्रशासन को दे रहे हैं। विदेश और दूसरे राज्यों से आए लोग खुद भले ही सूचना देने में परहेज कर रहे हों पर आसपास रहने वाले लोग इसमें पीछे नहीं हैं। उन्हें अपने साथ अपने शहर और अपने जिले की चिंता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर विदेश और दूसरे राज्यों से आए लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई और जिन लोगों में जरा भी कोरोना के लक्षण दिखे उनको अस्पताल भेजा और वहां पर कोरोना से संबंधित जांच हुई। जिले में अब तक कोरोना की जांच के लिए 65 लोगों के सैंपल भेजे गए।
इसमें से अब तक 31 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। इसमें 14 जमाती भी शामिल हैं। अभी 34 लोगों के कोराना जांच की रिपोर्ट अलीगढ़ मेडिकल कालेज से आनी है। अगर यह रिपोर्ट भी निगेटिव आती हैं तो जनपद के लिए अधिक राहत की बात होगी। वैसे अब स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सक्रियता और अधिक बढ़ाई है। संभल जिले से कोरोना की जांच के लिए नमूनों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
हर रोज कोरोना आशंकित के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए अलीगढ़ मेडिकल कालेज भेजा जा रहा है। लेकिन अब तक तो स्थिति ठीक है। पड़ोसी जनपद मुरादाबाद, अमरोहा और रामपुर में कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं पर संभल इससे दूर है। यह स्थिति तब है जब संभल जिले में भी 15,104 लोग 22 मार्च के बाद दूसरे राज्यों से पलायन करके अपने-अपने गांव पहुंचे हैं।
यही नहीं 88 लोग ऐसे हैं जो कोरोना प्रभावित दूसरे देशों से भारत आए हैं। कोरोना के अंदेशे में इन लोगों की सेहत का परीक्षण कराया गया पर विदेश से आए तीन लोगों के नमूने कोरोना की जांच के लिए भेजे गए। लेकिन कोई पॉजिटिव नहीं निकला। प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि अगर लोगों ने इसी तरह से लॉक डाउन का पालन करते हुए दूरी बनाकर अपना वक्त बिताया तो आगे भी कोरोना से निपटने में सफलता मिलेगी।
कोरोना को हराएं और कहीं पर भी भीड़ न लगाएं
मैं तो यही कहूंगी कि हर हालत में हमें लॉक डाउन का पालन करना है। अगर हमारे घर के आसपास कोई व्यक्ति ऐसा है जो विदेश से आया है और उसने स्वास्थ्य विभाग की टीम से अपनी सेहत का परीक्षण नहीं कराया है तो उसके बारे में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को अवगत कराएं और कंट्रोल रूम को भी कॉल करें। कोरोना को हराने में अब तक जिस तरह से सभी ने सहयोग दिया है उसी तरह से आगे भी सहयोग बनाए रखें। कहीं पर भी भीड़ न लगाएं।
डा. अमिता सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, संभल।
सिर्फ एक मात्र विकल्प है लॉक डाउन का पालन करें
कोरोना से निपटने के लिए एकमात्र विकल्प यही है कि लॉक डाउन का पालन करें। हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि अपनी और अपने परिवार की रक्षा के लिए वह घर पर ही रहे। अगर थोड़ी बहुत कठिनाई आए तो बर्दाश्त करने की क्षमता पैदा करे। अगर मजबूरी में किसी से मिलना हो या फिर कहीं जाना हो तो कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाए रखें। साथ ही अपने घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए सतर्कता दिखाएं। मिलकर सामूहिक संकल्प शक्ति दिखाएं और जाति, धर्म से ऊपर उठें, आपसी मतभेद को भुलाएं क्योंकि कोरोना को हराने के लिए यह जरूरी है।
अविनाश कृष्ण सिंह, जिलाधिकारी संभल।