चंदौसी। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर मानकों की अनदेखी के साथ ही कई मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। कुंदरकी और चंदौसी में बाईपास बना है। बाईपास के दोनों मुहानों पर तीव्र मोड़ हैं और यहां प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं की गई। रात के समय अंधेरे में वाहन संचालन के दौरान हादसों का खतरा रहा है। मोड़ होने के कारण सामने से आने वाले वाहन की लाइट भी दिखाई नहीं देती। प्रकाश की व्यवस्था हो तो हाईवे के पास मुहानों पर हादसों का खतरा कम होगा। जीवन और सफर दोनों सुरक्षित होंगे।
मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर नरौरा बैराज तक कुंदरकी, बिलारी, चंदौसी, बहजोई, बबराला, गुन्नौर सहित छह शहर व कस्बे हैं। इनमें से कुंदरकी और चंदौसी में बाईपास बनाया गया है। चंदौसी में बाईपास बने करीब डेढ़ साल और कुंदरकी में करीब एक साल हो गया है। चंदौसी में भुलावई के पास और सिम्स पर बाईपास के मुहाने पर तीव्र मोड़ हैं। शहर की ओर आने वाले मार्ग के मुहाने पर बाईपास पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई। इस दौरान हाईवे पर दौड़ने वाले वाहनों को आगे के वाहनों का पता नहीं चल पाता। मोड़ होने के कारण सामने से आने वाले वाहन की लाइट का भी पता नहीं चलता है। हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होने के कारण हर समय हादसे का खतरा रहता है। यही स्थिति कुंदरकी कस्बे में बने बाईपास के हैं।
आबादी की ओर से आने वाले वाहनों से रहता है हादसों का खतरा
चंदौसी व कुंदरकी में बाईपास बना है। कस्बे से होकर हाईवे की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग बाईपास के मुहाने पर जाकर मिलते हैं। टैक्सी चालक छम्मन खां, असलम, आसिफ, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मुरादाबाद से रात के समय आते हुए ट्रैफिक अधिक हो जाता है। कुंदरकी से निकलने के बाद वाहन 20 से 25 किलोमीटर की गति से ही चलानी पड़ती है। मुरादाबाद से चंदौसी आते हुए बाईपास के पास सामने से आ रहे वाहन और चंदौसी शहर की ओर से आ रहे वाहनों की लाइट दिखाई नहीं देती है। हादसे का डर बना रहता है।
कस्बों में भी हाईवे पर नहीं प्रकाश की व्यवस्था
बहजोई, बिलारी कस्बे में हाईवे आबादी के बीच से ही गुजर रहा है। आबादी के बीच डिवाइडर बना है लेकिन यहां भी प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। आबादी के बीच चौराहों व संपर्क मार्गों पर अचानक से वाहन निकलकर हाईवे पर आ जाते हैं और रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। रात के समय हादसों का खतरा रहता है।