लोग सड़क पर उतर आए। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर सात किलोमीटर से भी ज्यादा लंबा जाम लगा। सैकड़ों वाहन फंस गए। इसमें रोडवेज की बसें और मरीजों को ले जा रहीं एंबुलेंस भी थीं। सिरसी में चार घंटे तक जाम लगा रहा।
संभल जिले में करेंसी की कई दिन से क्राइसेस चल रही है।
सोमवार को सुबह सात बजे से ही लोग बड़ी उम्मीदों के साथ बैंकों की शाखाओं पर पहुंचे थे लेकिन जब 10.30 से 11 बजे के बीच उन्हें पता लगा कि कैश नहीं मिलेगा तो वे सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। प्रथमा बैंक सिरसी शाखा में कैश न मिलने पर भड़के लोगों ने संभल मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगाया। दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार को जोड़ दिया जाए तो जाम सात किलोमीटर से ज्यादा लंबा हो गया था। सबसे पहले सिरसी पुलिस पहुंची। महिलाएं सड़क से नहीं हटीं। सीओ अफसर अब्बास जैदी पहुंचे पर नाकाम रहे। इसके बाद सिरसी नगर पंचायत के चेयरमैन पहुंचे। आधे घंटे की बातचीत में महिलाओं से उन्होंने कहा कि यदि बैंक में कैश नहीं आया तो वे कैश देंगे। इस आश्वासन पर आक्रोशित महिलाएं सड़क से हट गईं और जाम खुल गया।
जाम इसी तरह से संभल-चंदौसी मार्ग पर नूरियो सराय तथा मोहम्मदपुर टांडा में प्रथमा बैंक के बाहर लोग सड़क पर उतर आए। आधा घंटे तक जाम की स्थिति रही। कोतवाली की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जाम लगाने वाली महिलाओं को जैसे तैसे समझाया तब यातायात सुचारू हो सका। जाम खुलवाने का आग्रह कर रही पुलिस से महिलाओं ने नोट दिलाने की मांग की जब पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर जाम खोलने का आग्रह किया तो उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई। पवांसा में प्रथमा बैंक के बाहर 11 से 11.30 बजे तक जाम रहा। पुलिस ने महिलाओं को बमुश्किल हटाया। आधा घंटे यातायात बाधित रहा।
बीमार को एक हजार के लिए दो घंटे करनी पड़ी मशक्कत
संभल। सिहोरी गांव निवासी ओमराज पुत्र बाबू राम सैनी गंभीर रूप से बीमार था। उसके 1300 रुपये प्रथमा बैंक की पवांसा शाखा में जमा थे। वह बीमारी हालत में पत्नी सुनीता के संग घोड़ा बुग्गी में बैंक पहुंचा। बैंक शाखा में 1300 रुपये भी नहीं थे। शाखा प्रबंधक वीरेंद्र कुमार अनुरागी ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पब्लिक ने ओमराज की भैंसा बु्ग्गी को सड़क पर खड़ा करके जाम लगा दिया। प्रथमा बैंक पवांसा के निकट किताबों की दुकान चला रहे पंकज गौड़ को मरीज ओमराज का दर्द नहीं देखा गया तो उन्होंने 1,000 रुपये के सौ सौ के नोट अपने सेविंग बैंक एकाउंट में जमा किए। वही रुपये ओमराज को बैंक ने उपलब्ध कराए तब कहीं जाकर ओमराज के इलाज के लिए कैश मिला। बैंककर्मी ने बैंक के बाहर आकर ही विड्राल भरवाया और तथा ओमराज को एक हजार रुपये दिए। तब जाम खुला।
आक्रोश ः एसबीआई शाखा में काउंटर तोड़ा, सिंडीकेट में मारपीट
एक दिन की छुट्टी के बाद खुली बैंकों में सोमवार को मारामारी का माहौल रहा। सिंडीकेट बैंक के बाहर लोगों में मारपीट हो गई। बैंक के अंदर से लोगों ने गार्ड को भी खींच लिया। स्टेट बैंक में शाम चार बजे के बाद जब वितरिण का समय पूरा हो गया तो लोगों ने हंगामा करते हुए काउंटर को तोड़ दिया। शाखा प्रबंधक से भी नोकझोंक हुई। व्यवस्था बनाने के लिए उन लोगों को टोकन दिए गए जिन्हें सोमवार को कैश नहीं मिला था। अब बुधवार को बैंक खुलने के बाद सबसे पहले उन्हें कैश दिया जाएगा।
रविवार को बैंक बंद थे। ऐसे में सोमवार को लोग कैश की आस में सुबह होते ही बैंकों के बाहर कतारों में खड़े हो गए। बैंक खुलने के बाद लोग बैंक के अंदर जाने के लिए मारामारी करने लगे। दोहपर 12 बजे आर्य समाज रोड स्थित सिंडीकेट बैंक के बाहर खड़े लोग अंदर जाने के लिए मारामारी कर रहे थे। उसी समय बैंक के अंदर के लोगों को बाहर निकालने के लिए बैंक का गेट खुला तो बाहर खड़े लोग धक्का मुक्की करते हुए बैंक के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। आगे खड़े लोगों ने विरोध किया तो लोगों में मारपीट हो गई। बैंक के गार्ड ने गेट बंद करने का प्रयास किया तो लोगों ने गार्ड को भी बाहर खींच लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
वहीं शाम को चार बजे जैसे ही स्टेट बैंक के बैंकर्स ने कैश देने का समय पूरा होने की बात कही तो लोग भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। शाखा प्रबंधक ने लोगों को रोकने का प्रयास किया तो उनसे लोगों की नोकझोंक हो गई। बाद में लोगों ने गुस्से में आकर बैंक का काउंटर तोड़ दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। वहीं केनरा बैंक की संभल शाखा दिन में तीन बजे ही बंद कर दी गई।
बैंक के बाहर रुपये जमा करने के लिए जो लोग खड़े थे उनके रुपये भी जमा नहीं किए गए। ऐसे में लोगों ने काफी देर तक हंगामा किया। इसी तरह संभल की प्रथमा बैंक मुख्य शाखा में सोमवार को कैश न होने के चलते लोग भड़क गए। लोगों ने बैंक के बाहर केंद्र सरकार व बैंकर्स के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आर्यसमाज रोड पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लोगों ने बैंक के अंदर जाने के लिए धक्का-मुक्की हुई। काफी देर तक लोगों ने बैंक के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
नहीं मिला कैश, डेढ़ घंटे जुनावई में हाईवे पर लगाया जाम
एसबीआई बैंक से कैश नहीं मिलने आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। एक घंटे से अधिक समय तक लगे जाम के कारण हाईवे के दोनों तरफ तीन- तीन किलो मीटर दूर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। जाम को खुलवाने पहुंचे गुन्नौर थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह के समझाने बुझाने पर भी लोग नहीं माने। हालात को बिगड़ता देख मौके पर पहुंच गुन्नौर सीओ उमेश कुमार यादव ने लोगों को बैंक में बात करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने कहा कि बैंक में पिछले सोमवार को कैश का वितरण करने के से इस सोमवार तक लोगों को भुगतान नहीं किया गया। बीच में गुरुवार को साढ़े तीन बजे तक ही पेमेंट किया गया था। एक सप्ताह बाद सोमवार को बैंक मैनेजर ने कैश देने से मना कर दिया। विरोध करने के बाद एक-एक हजार रुपये दिए। इतने कम रुपये से उनका काम नहीं चल रहा है। गुस्साए लोगों ने सुबह साढ़े 10 बजे बैंक के गेट पर हंगामा करने के बाद हाईवे पर जाम लगा दिया।
जाम लगाने वालों में विजय कुमार, रमेश कुमार, विनोद कुमार, नीरेश कुमार, मनोज, पूनम कुमारी, कोयल्या, अनीता समेत दर्जनों लोेग शामिल थे। वहीं पीएनबी शाखा के प्रबन्धक एनके मिश्रा ने बताया भारी भीड़ होने से काउंटर का शीशा तोड़ दिया गया है। कैश की कमी के कारण एक-एक हजार रुपये का ही भुगतान किया जा रहा है ताकि सब को भुगतान किया जा सके।