संभल। बहजोई ब्लॉक के बहापुर पट्टी स्थित पीएचसी परिसर में बने पोस्टमार्टम हाउस की हालत बेहद जर्जर है। यहां न तो पीने के लिए पानी और न ही बैठने की व्यवस्था है। पानी के लिए लगा टैंक उल्टा पड़ा है। सफाई व्यवस्था भी ठप है। परिसर में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है।
छोटे से कमरे में बने इस पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दीवार पर दो कर्मचारियों के नंबर लिखे हैं। इन नंबर को लगाकर ही कर्मचारियों को पोस्टमार्टम हाउस बुलाया जाता है। उसके बाद ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होती है। परिसर में लगी टंकी टूटी पड़ी है। ग्रामीण राजेश ने बताया कि पीएचसी का मुख्य गेट न होने से रात में आवारा कुत्ते परिसर में घूमते दिखते हैं। लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। जो लोग पोस्टमार्टम के लिए शव लेकर आते हैं वह पीएचसी से बाहर मंदिर के चबूतरे पर बैठकर समय गुजार लेते हैं।
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15 वर्ष बाद भी नहीं मिला स्थायी भवन
बहजोई से करीब 8 किलोमीटर दूर बने इस पोस्टमार्टम हाउस को 15 वर्ष से अस्थाई तौर पर संचालित किया जाता है। आमतौर पर पोस्टमार्टम हाउस जिला अस्पताल में बनाया जाता है या उसके आसपास रहता है। संभल जिला बने हुए तो 15 वर्ष बीत गए लेकिन पोस्टमार्टम हाउस के लिए जमीन तय नहीं हो सकी। स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया। इसलिए 15 वर्ष से ऐसे ही अव्यवस्थित तरीके से संचालन चल रहा है।
पोस्टमार्टम हाउस के लिए जगह को चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर स्थाई भवन बनवाया जाएगा। साफ-सफाई कराई जाएगी और पानी की भी व्यवस्था को दिखवाया जाएगा। -डाॅ. तरुण पाठक, सीएमओ, संभल