संभल। पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पीएफएमएस में प्रशासक के डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड न होने की वजह से कहीं हैंडपंप खराब है तो कहीं पर ग्राम पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा है। यह स्थिति एक गांव की नहीं है। संभल विकास खंड की 101 ग्राम पंचायतों में 45 दिन से सामान्य कामकाज ठप है। जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देते तो अब तक समस्या का समाधान हो गया होता।
वैसे तो जिले की 630 ग्राम पंचायतों में 25 दिसंबर 2020 को प्रधानी का कार्यकाल खत्म होने के बाद से सामान्य कामकाज भी ठप हो गए थे लेकिन पूरे जिले के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया गया। संभल को छोड़कर सभी विकास खंडों में कार्य शुरू हो गए। संभल में काम अटक गए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने संभल विकास खंड के लिए एडीओ जयकरन सिंह को प्रशासक नियुक्त किया था। वह 31 जनवरी 2021 को सेवानिवृत्त हो गए। उसके बाद एडीओ अमित यादव प्रशासक बनाए गए। अमित यादव अब तक एक भी दिन काम नहीं कर पाए।
ग्राम पंचायतों के साथ उनके डिजिटल साइन जोड़कर पीएफएमएस सिस्टम में अपलोड किए जाने थे। ताकि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सके। उनके डिजिटल साइन काम नहीं कर रहे हैं। इसके चलते संभल विकास खंड में 45 दिन से सामान्य कामकाज प्रभावित है जबकि प्रशासक की जिम्मेदारी थी कि वे अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में जरूरी कार्य कराएं। अगर किसी गांव में हैंडपंप भी खराब है तो लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी रेनू कुमारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रशासक नियुक्त किए जा चुके हैं। अब जिला पंचायत राज अधिकारी को डिजिटल साइन की प्रक्रिया पूरी करानी है। वहीं एडीओ अमित यादव ने बताया कि वह लगातार डीपीआरओ के संपर्क में हैं। अगर डिजिटल साइन से काम होने लगे तो कोई दिक्कत नहीं आएगी।
निबौरा और मुजफ्फरपुर में खराब पड़े हैं हैंडपंप
संभल। पवांसा विकास खंड में निबौरा निवासी राकेश कुमार ने बताया कि दो महीने से सरकारी हैंडपंप खराब पड़ा है। प्रधान का कार्यकाल खत्म हो गया। सचिव ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए हैंडपंप सही नहीं कराया जा सका। पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। मुजफ्फरपुर निवासी मकबूल ने बताया कि मस्जिद के नजदीक वाला सरकारी हैंडपंप खराब है। करीब 40 परिवार पीने के पानी की समस्या से परेशान है।
मुजफ्फरपुर और निबौरा में खराब पड़े सरकारी हैंडपंपों की मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से सात दिन के भीतर हैंडपंप ठीक करा दूंगा।
योगेंद्र कुमार शर्मा, प्रशासक
विकास कार्यों के भुगतान के लिए पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम पीएफएमएस लागू है। पीएफएमएस के पोर्टल पर संभल के प्रशासक अमित यादव के डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड न होने की वजह से दिक्कत आ रही है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के निदेशक को पत्र भेजा है। उम्मीद है कि जल्दी ही समस्या का समाधान हो जाएगा। सभी प्रशासकों से कहा गया है कि वे अपने कार्य क्षेत्र में जरूरी काम प्रभावित न होने दें। अगर कहीं कोई हैंडपंप खराब है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल
सिसौटा में अधूरा पड़ा है सामुदायिक शौचालय
संभल विकास खंड के सिसौटा गांव में एक महीने से भी अधिक समय से सामुदायिक शौचालय का काम बंद है। प्रशासक ने भी इसमें काम शुरू नहीं कराया है। गांव वालों ने कहा कि अगर शौचालय शुरू हो जाता तो सहूलियत मिलती। जिनके घर में शौचालय नहीं है वे खेतों की ओर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। सिसौटा निवासी सत्तार का कहना है कि गांव में 20 परिवार हैं, जिनके घर पर शौचालय नहीं है।