जुनावई। ब्लॉक क्षेत्र की 24 ग्राम पंचायतों में भूमि चयन न होने से पंचायत घरों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसमें कुछ स्थानों पर राजस्व विभाग की अपनी जमीन हैं पर अवैध कब्जे के चलते निर्माण शुरू नहीं हो पाया। उधर, ग्राम पंचायतें विवाद के चलते निर्माण शुरू करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहीं हैं।
शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत घर निर्माण के निर्देश वर्ष 2019 के आखिर में दिए थे। साथ ही इनके निर्माण के लिए फरवरी 2020 में बजट भी जारी कर दिया था। बीच में कोरोना संक्रमण के चलते निर्माण प्रक्रिया धीमी पड़ गई। इसके बाद जुलाई माह में शासन ने सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत घर निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए थे। पर जुनावई ब्लॉक की 24 ग्राम पंचायतों में अभी तक पंचायत घरों के लिए भूमि का भी चयन नहीं किया गया। प्रत्येक ग्रामसभा में आबादी के निकट राजस्व विभाग की जमीन हैं, पर अधिकांश भूमि पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। कुछ ग्राम प्रतिनिधि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पंचायत भवन न बनने से आमजन को लाभ नहीं हो पा रहा है।
पंचायत सचिव को ढूंढने को ग्रामीणों को लगाने पड़ रहे चक्कर
पंचायत घर न होने से पंचायत सचिवों को स्थाई ठिकाना नहीं होता। ग्रामीणों को आवश्यक काम के लिए सचिवों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके बाद भी वह नहीं मिल पाते।
ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में नहीं हुई भूमि चयनित
जुनावई ब्लॉक की ग्राम पंचायत लतीफपुर, अहरोला नवाजी, मैढ़ोली, रजवाना, हरगोविंदपुर, धनीपुर, बबककरपुर, चिरबारा, बघोई, झुकेरा, लावर, महाबली मोहिद्दीनपुर, गड़ी बिचोला, सुल्तानगढ़, दबथरा हरलाल, नगलिया देवी, जलालपुर, पतेई कास्त सहित 24 ग्राम पंचायतों में राजस्व टीम द्वारा भूमिका चिह्नीकरण न किए जाने के कारण पंचायत भवन नहीं बन पा रहे हैं।
- कुछ ग्राम पंचायतें भूमि चिह्नित नहीं कर पाई है। इस संबंध में पंचायत सचिवों को आदेश दिए गए हैं कि वह जल्द से जल्द भूमि को चिह्नित कर पंचायत घर का निर्माण शुरू कराएं। जहां अवैध कब्जे हैं, उन्हें कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
- कुलदीप कुमार, प्रभारी बीडीओ जुनावई।