जिले में नौ प्रवासी मजदूर अब तक निकले हैं कोरोना संक्रमित
अहमदाबाद से ट्रक पर सवार होकर यहां आए, खतरा अब ज्यादा बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
संभल। जिले में शुक्रवार को दो प्रवासी मजदूर संक्रमित मिले। ट्रेन से नहीं ट्रक और दूसरे वाहनों पर सवार होकर अहमदाबाद से आए थे। अहमदाबाद में जींस की सिलाई करते थे। अब तक कुल नौ प्रवासी मजदूर कोरोनो संक्रमित निकल चुके हैं। किसी भी मजदूर के ट्रेन से आने की हिस्ट्री नहीं है। अहमदाबाद से लौटे दो प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित और निकले हैं। अब कोरोना संक्रमित प्रवासी मजदूरों की संख्या नौ पहुंच गई है। बाहर से आए मजदूर कोरोना करियर बन कर सामने आए हैं लेकिन किसी भी मजदूर की ट्रेनों से ट्रैवल करने की हिस्ट्री नहीं है। सभी ने अपने सफर में कहीं- कहीं ट्रकों का इस्तेमाल किया और कुछ पैदल भी चले हैं।
संभल जिले में 24 घंटे के भीतर दो कोरोना संक्रमित प्रवासी मजदूर सामने आए हैं यह दोनों अहमदाबाद में जींस की सिलाई करते थे और 30 अप्रैल को अहमदाबाद से चले थे। जरूरी सामान ढोने वाले ट्रकों पर सवार होकर 8 मई को संभल पहुंचे थे। जिला अस्पताल में 9 मई इनके नमूने लिए गए थे। इसमें एक युवक असमोली का है दूसरा युवक संभल नगर के मोहल्ला शहबाजपुरा खुर्द का निवासी है जो जिला अस्पताल में भर्ती हैं जबकि असमोली के युवक को 13 अप्रैल को कोरोना निगेटिव बताकर जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी उसे शुक्रवार को दोपहर कोरोना पॉजिटिव होने का ई-मेल प्राप्त होने के बाद दोबारा जिला अस्पताल लाया गया है। इससे पहले गुन्नौर के गुन्नौर अब्दुल हई तरफरी और मेहुआ हसनगंज गांव में पांच प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित निकले हैँ इसी तहसील के गांव रिवाड़ा की एक प्रवासी महिला मजदूर भी कोरोना संक्रमित निकल चुकी है। यह सभी लोग पैदल और किसी वाहन से संभल आए थे। इसी तरह से संभल जिले के बनियाखेड़ा ब्लाक के गांव बेहटासाहू का एक मजदूर कोरोना संक्रमित निकला है। यह सातों मजदूर दिल्ली एनसीआर से आए थे। अब तक जिले में कुल नौ प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित निकले हैं।
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ट्रेन से यात्रा करने की किसी की हिस्ट्री नहीं
संभल। जिले में आए किसी प्रवासी मजदूर की अब तक ट्रेन से सफर की हिस्ट्री नहीं है। उप जिलाधिकारी गुन्नौर दीपेंद्र यादव ने बताया कि उनकी तहसील में छह प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं लेकिन किसी ने ट्रेन का सफर नहीं किया है। सभी की ट्रैवल हिस्ट्री अलग-अलग वाहन और पैदल की है। जिन वाहनों से यह लोग आए हैं, उन वाहनों के नंबर भी नहीं बता पाए हैं। इसी तरह से चंदौसी के बेहटा साहू के मजदूर की भी ट्रेन से ट्रैवलिंग की हिस्ट्री नहीं है।