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New Criminal Laws: संभल जिले का पहला केस बहजोई में दर्ज, महिला ने ससुरालियों पर दर्ज कराई धारा 115 में रिपोर्ट

Tue, 02 Jul 2024 04:17 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, संभल

सार

संभल जिले में पहले दिन नए कानून के तहत दो केस दर्ज किए गए। पहला केस बहजोई और दूसरा संभल कोतवाली में दर्ज किया गया। एसपी ने बताया कि सभी कर्मचारियों और दरोगाओं को नए कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। कोई भी परेशानी आने पर उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। 
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संभल जिले में नए कानून के बारे में जानकारी दी गई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत सोमवार को संभल जिले में पहला मुकदमा बहजोई थाने में दर्ज हुआ। जिसमें कैशोपुर रसैटा निवासी महिला ने ससुरालियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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यह मामला नए कानून की धारा 115, 352 और 351 (2) में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दूसरा मुकदमा संभल कोतवाली में इन्हीं धाराओं में दर्ज किया गया। बहजोई थाना क्षेत्र के गांव कैशोपुर रसैटा निवासी सुनीता पत्नी सोनू सोमवार की सुबह थाने पहुंचीं और ससुराल पक्ष के लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। 

बताया कि ससुरालियों ने गाली-गलौज और धमकी भी दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर इंद्रवती, रामफल और सूरजपाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 352 और 351 (2) में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 
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वहीं दूसरा मुकदमा संभल कोतवाली मारपीट का दर्ज हुआ। मोहल्ला मियां सराय निवासी नसीम ने बताया है कि उसके 14 वर्षीय बेटे अफ्फान के साथ मोहल्ला निवासी गुलनवाज उर्फ गुल्लू, आकिब, जिकरान और कैफू ने मारपीट की है। 

पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर नए कानून की धारा 115, 352 और 351 (2) में गुलनवाज उर्फ गुल्लू, आकिब, जिकरान और कैफू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है।

पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। किताबें भी दी गई हैं। इसमें कुछ समस्याएं तो शुरुआत में आएंगी। इसके समाधान के लिए समिति गठित की गई है। इस समिति का नेतृत्व एएसपी करेंगे। - कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी, संभल

न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ताओं के सामने दिक्कत आएंगी। समय के साथ इसको समझा जाएगा। नए कानून की अवधारणा अब न्याय आधारित है, पहले दंड आधारित थी। - टेकचंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष, चंदौसी बार एसोसिएशन 

नए कानून को समझने में थोड़ी दिक्कत होगी। लंबे समय से जो कानून की जानकारी अधिवक्ताओं को है। वह जीरो हो गई है। नए सिरे से शुरूआत करनी होगी। वादी को भी समझाने में दिक्कत होगी। -तौसीफ खां, अधिवक्ता, संभल

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