नंदरौल गांव में रोती महिला। अमर उजाला
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विवाहिता के दूसरे समुदाय के युवक की ओर से ले जाने के बाद नंदरौली के बवाल में तमाशबीन पुलिसकर्मियों पर अब गाज गिरी है। प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माने माने गए चार पुलिसकर्मियों को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया। घटना के वक्त गांव में पुलिस के संग तैनात डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवानों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसके लिए पीएसी की 23 वीं वाहिनी के सेनानायक को पत्र लिखा गया है।
संभल जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र में स्थित नंदरौली गांव में 8 मई को युवती के लापता हो जाने और इसमें दूसरे समुदाय के युवक का नाम आने पर प्रतिक्रिया में 9 और 10 मई की रात एक विशेष समुदाय के घरों में तोड़फोड़ की गई थी। घरों में लूटपाट का भी आरोप है।
इसके बाद दस मई की रात पुलिस और पीएसी के जवानों की मौजूदगी में लूटपाट और तोड़फोड़ की गई। इस पर सहमे दूसरे समुदाय के नौ परिवार पलायन कर गए थे। जानकारी पर डीआईजी ओंकार सिंह 11 मई को गांव पहुंचे थे। उनके सामने गांव के लोगों ने कहा था कि जिस वक्त उनके घरों में लूटपाट हो रही थी उस वक्त खाकीवाले तमाशा देख रहे थे। इसके बाद डीआईजी ने एसपी संभल रविशंकर छवि को जांच के आदेश दिए थे।
एसपी के आदेश पर एएसपी पंकज कुमार पांडेय ने जांच पड़ताल की और शुक्रवार को देर शाम चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 10 मई की रात 9.30 बजे नंदरौली में पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में तोड़फोड़ की घटना हुई थी।
लोगों की शिकायत थी कि बवाल के दौरान पुलिस-पीएसी ने कोई एक्शन नहीं लिया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एचसीपी मलखान सिंह, एचसीपी अशोक कुमार, कांस्टेबल सहदेव सिंह और अमर पाल को निलंबित किया गया है। वहीं पीएसी के जवानों पर एक्शन के लिए 23वीं वाहिनी के सेनानायक को पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मामले में प्राथमिक कार्रवाई कर दी गई है अब विस्तृत जांच में होगी।