इसके लिए यूपी के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने गाइडलाइन जारी कर दी हैं। इसके लिए टैक्स जमा करके परिमिट प्राप्त किया जा सकता है। बाइक के रजिस्ट्रेशन में 300 रुपये लगेंगे। टैक्स के बारे में अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। लेकिन प्रति सीट के हिसाब से टैक्स लिया जाएगा।
यूपी में पहली बार बाइक को किराये पर चलाने की अनुमति जारी करने का शासन ने निर्णय लिया है। एआरटीओ छवि सिंह चौहान ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे जहां शासन को राजस्व की प्राप्ति होगी। वहीं उन तमाम युवाओं को रोजगार मिलेगा जो बाइक को किराये पर चलाना चाहते हैं।
दूसरी ओर तमाम ऐसे लोग बाहर के शहरों से आते हैं और टैक्सी का किराया वहन नहीं कर सकते उनके लिए बाइक को किराये पर लेकर आपने काम निपटाने का विकल्प उपलब्ध होगा। संभल की तरह उत्तर प्रदेश के दूसरे जनपदों और शहरों में भी बाइक किराये पर लेने तथा देने के लिए कानूनी वैधता वाला व्यापार शुरू हो सकेगा। उन्होंने बताया कि नैनीताल और गोवा जैसे पर्यटनस्थलों में किराये पर बाइक लेने और देने का कारोबार पहले से ही चल रहा है।