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बहकावे में न आए मुस्लिम समाज, तीन तलाक बिल पारित होना चाहिए

Tue, 03 Apr 2018 02:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल। 
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तीन तलाक - फोटो : SELF
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मुस्लिम बहु विवाह और हलाला रोक के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत में आवाज उठाने वाली समीना ने सोमवार को संभल में तीन तलाक बिल की पैरवी की। उन्होंने कहा कि अगर बिल पारित नहीं होता है तो फिर एक साथ तीन तलाक देने वालों को आईपीसी की धारा 498 ए में कवर किया जाए, ताकि कानून का भय हो सके। उन्होंने कहा कि तीन तलाक बिल में ऐसा कुछ नहीं है जिसका विरोध किया जाए। इसलिए मुस्लिम समाज किसी के बहकावे में न आए। 
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संभल की समीना ने सुप्रीम कोर्ट में बहुविवाह और हलाला को रोकने के लिए याचिका दाखिल की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए गए हैं। अब हलाला और बहुविवाह की वैधता को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ परखेगी। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार राज्यसभा में तीन तलाक बिल पारित कराने की तैयारी कर रही है। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने प्रस्तावित बिल के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। बिल के विरोध में संभल में मुस्लिम महिलाओं ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इसी संभल की धरती से समीना ने तीन तलाक बिल का समर्थन किया है। साथ में बहुविवाह और हलाला पर पाबंदी की मांग की है।

उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में इस्लाम का पालन कर लिया जाए तो मुस्लिम औरतों की हालत ऐसी न रहेगी लेकिन कुछ लोग हैं जो पूरे मुस्लिम समाज को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं और धार्मिक भावनाओं को भड़का कर अपना हित साध रहे हैं। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड पर निशाना साधा और कहा कि मुस्लिम औरतें चाहती हैं कि उन्हें अच्छी जिंदगी मिले पर तीन तलाक से उनका उत्पीड़न किया जाता है। ऐसे हजारों मामले अदालतों में चल रहे हैं। तमाम मामले ऐसे हैं जो न अदालत तक पहुंचे न ही पुलिस तक पहुंचे। सिर्फ घर की दीवारों में ऐसी औरतों का दर्द छुपा है। 
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दो बार तीन तलाक से पीड़ित हुई समीना ने बताया कि पहली बार 2004 में उन्हें एक खत के जरिए तीन तलाक दिया गया और दूसरी बार 2012 में दूसरे शौहर ने एक फोन करके उनकी तथा उनके बच्चों की जिंदगी तबाह कर दी। इस फोन काल में उसने एक बार में तीन तलाक बोल दिया था। तब से लेकर अब तक वो शौहर आज तक उन्हें नहीं मिला। इसीलिए अदालत में उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक निकाह को आधार कार्ड से लिंक किया जाए। मॉडल निकाहनामा तैयार किया जाए। औरतों का शोषण रोका जाए।
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