एससी/एसटी एक्ट में गिरफ्तार पर रोक के बाद दलित संगठनों ने जुलूस निकाला। हाथों में डंडे और झंडे लेकर युवकों ने जबरन दुकानें बंद कराई तो माहौल तल्ख हो गया। व्यापारियों का आरोप है कि दुकानों पर डंडे बरसाए, व्यापारियों से अभद्रता, मारपीट की। जिससे बाजार बंद होने लगा। पुलिस की कमी के कारण व्यापारियों में दहशत का माहौल हो गया। इसी बीच व्यापारियों ने भी फ़डयाई बाजार में तपती सड़क पर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।
डा.भीमराव अंबेडकर समिति, दलित एकता मंच, महादलित परिसंघ, भावाधस, अभा.अंबेडकर युवक संघ सहित विभिन्न दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने खुर्जागेट चुन्नी मुहल्ले से सुबह साढ़े दस बजे जुलूस शुरू किया गया। इसी दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से भी दलित समाज के लोग ट्रैक्टर ट्रालियों व अन्य वाहनों से शहर पहुंचने लगे। शहर के कई अन्य मुहल्लों से भी दलित संगठनों के युवक जुलूस लेकर निकल पड़े। जुलूस में युवाओं की संख्या हजारों में पहुंच गई। इसमें शामिल कुछ युवकों ने दुकानों को जबरन बंद कराना शुरू कर दिया। दुकानों पर डंडे मार दिए।
व्यापारियों ने विरोध किया तो ब्रह्म बाजार में कुलदीप वार्ष्णेय के अलावा ओम प्रोवीजन स्टोर, बंसल ट्रेडर्स, डेली नीड स्टोर आदि पर दुकानदारों से अभद्रता कर दी। अरोरा वॉच हाउस पर भी तीखी नोकझोंक हुई। कुछ व्यापारियों के हाथों पर डंडे भी लगे। अधिकांश व्यापारी दुकानें बंद कर बाहर ही बैठ गए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने तत्काल एसपी को अवगत कराया। हलवाई एसोसिएशन के अध्यक्ष मंतेष वार्ष्णेय फड़याई बाजार में तपती सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। रोडजाम कर दिया।
सीओ ओमपाल सिंह पहुंचे, कुछ देर बाद राज्यमंत्री गुलाब देवी भी पहुंच गई। कार्रवाई का भरोसा दिलाकर व्यापारियों का धरना खत्म करा दिया। इसके बाद पुलिस फोर्स भी पहुंच गई, जुलूस के आगे पीछे चलने लगी। दोपहर बाद जुलूस में शामिल लोग तहसील परिसर में चल रहे डा.अंबेडकर समन्वय संघर्ष समिति के धरने में शामिल होने रवाना हो गए। जुलूस में कपिल कुमार उर्फ मोनू, दीप राव, अभिषेक कुमार, शिशुपाल प्रेमी, राजवीर, संदरलाल, विपिन, सोनू, पप्पू, राकेश बाली, राजेंद्र, नवीन भारती, मलखान सिंह, आशीष कुमार, पंकज भारती आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।